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नरकोपी में छत्तीसगढ़ के 6 परिवार के 21 मजदूर बंधक

शुभम संदेश एक्सक्लूसिव ईंट भट्ठा में काम करने आये थे, पैसे मांगने पर मारपीट करता है भट्ठा मालिक मजदूर भाग न जाएं, इसलिए दिन-रात की जाती है निगरानी 1000 ईंट बनाने पर 750 रुपए देने का था वादा, दे रहा सिर्फ 350 रुपये Satya Sharan Mishra/Pravin Kumar Ranchi: जिले के नरकोपी थाना क्षेत्र के सरवा में छत्तीसगढ़ के 6 परिवार के 21 लोग पिछले कई महीने से बंधक बने हुए हैं. भट्टा मालिक न इन्हें मजदूरी का भुगतान कर रहा है और न ही इन्हें वापस इनके घर जाने दे रहा. दिन रात इन मजदूरों की निगरानी की जा रही कि कहीं ये भाग न जाएं. ये लोग 5 महीने पहले यहां ईंट भट्ठा में काम करने आये थे. छत्तीसगढ़ के बस्ती जिला के सिंदरी गांव से दो मजदूर पहले अपने परिवार के साथ नरकोपी पहुंचे. यहां टैब नाम से बनाए जाने वाले ईंट भट्ठा के मालिक तबारक खान से उनकी मुलाकात हुई. तबारक ने मजदूरों को 1000 ईंट बनाने पर 750 रुपए की दर से भुगतान करने की बात कही. इसके बाद तीन महीने पहले सिंदरी गांव के ही 4 और परिवार के लोग भी अपने परिवार के साथ भट्ठे में काम करने पहुंचे. मजदूरों ने आरोप लगाया है कि तबरेज खान उन्हें पूरी मजदूरी नहीं दे रहा है. मजदूरी मांगने पर कुछ लोगों को बुलाकर उनके साथ मारपीट की गयी. महिलाओं को भी नहीं बख्शा. मजदूर पूजा मनाहर के साथ मारपीट की गई. इसके बाद बाकी मजदूरों ने इधर-उधर छिप कर खुद को बचाया. फिलहाल सभी मजदूर अपने घर वापस जाने के लिए गुहार लगा रहे हैं. [caption id="attachment_857286" align="aligncenter" width="432"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/03/2-16.jpg"

alt="" width="432" height="576" /> परिवार के साथ छत्तीगढ़ से आए मजदूर[/caption]

मजदूरी मांगने पर भड़क जाता है तबारक

मजदूर सुनील मनाहर ने बताया कि वह पांच महीने पहले छत्तीसगढ़ से यहां मजदूरी करने आया था. ईंट भट्ठा मालिक तबारक ने कहा कि 1000 ईंट बनाने पर 750 रुपए दिया जाएगा, लेकिन उसने कभी वादे के मुताबिक भुगतान नहीं किया. कभी-कभार 1000-1200 रुपए दे देता है. ऐसे में उसने तबारक से कहा कि वह उनका हिसाब कर दे वो वापस अपने घर चले जाएंगे. इसपर तबारक भड़क गया और कहा कि 1000 ईंट पर 350 रुपए की दर से वो भुगतान करेगा.

ईंट भट्ठा मालिक ने करवाई मजदूरों की पिटाई

मजदूर आशू ने बताया कि वह 3 महीने पहले ईंट भट्ठा में काम करने छत्तीसगढ़ ये यहां आया था. ईंट भट्ठा मालिक ने वादे के मुताबिक मजदूरी का भुगतान नहीं किया. जब उसने कम मजदूरी देने का विरोध किया, तो तबरेज ने अपने 17-18 लोगों को ईंट भट्ठा में बुला लिया और मजदूरों के साथ गाली-गलौच और मारपीट शुरू कर दी. [caption id="attachment_857287" align="alignnone" width="576"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/03/3-16.jpg"

alt="" width="576" height="432" /> ईंट बनाते और खेलते मजदूरों के बच्चे[/caption]

बेहद बुरे दौर से गुजर रहे मजदूर

मजदूर सुकालू ने कहा कि छत्तीसगढ़ के 6 परिवार के लोग इस ईंट भट्ठे में बुरे दौर से गुजर रहे हैं. भट्ठा मालिक मजदूरी नहीं दे रहा और न ही उन्हें वापस उनके घर जाने दिया जा रहा है. अपना घर छोड़कर इतनी दूर पेट की खातिर पूरे परिवार को लेकर आया था, लेकिन यहां बुरी तरह फंस गए हैं. मजदूरी करके भी परिवार का पेट नहीं पाल पा रहे हैं.

21 लोगों में 5 छोटे बच्चे भी हैं

सोनिया मनाहर ने कहा कि हमलोग यहां आकर फंस गये हैं. मालिक न पैसे दे रहा और न वापस छत्तीसगढ़ जाने दे रहा. पैसे की बात करने पर गुस्सा जाता है और बात-बात पर धमकी देता है. 6 परिवार के 16 लोग यहां मजदूरी कर रहे हैं, जबकि 5 छोटे बच्चे हैं. ईंटों से बने छोटे से दड़बे में पूरा परिवार नर्क में जी रहा है. रात में भी चौकीदार निगरानी करता है कि कहीं हमलोग भाग न जाएं.

क्या कहता है ईंट भट्ठा मालिक तबारक खान

ईंट भट्ठा के मालिक तबारक खान से इस मामले पर बात की गई, तो उसने कहा कि हमने किसी को बंधक नहीं बनाया है. सभी मजदूर आजाद हैं और जहां मर्जी वहां जा सकते हैं. हमने किसी को नहीं रोका है. वे लोग बचने के लिए ऐसा आरोप लगा रहे हैं. तबारक ने माना कि 1000 ईंट पर 750 रुपए की दर से भुगतान की बात हुई थी. कहा कि यह रेट पूरे सीजन के लिए है. यानी जबतक ईंट बन कर पूरी तरह तैयार नहीं हो जाती, तबतक मजदूरों को काम करना है. इसमें कई महीने लगते हैं, लेकिन ये मजदूर पूरे सीजन काम नहीं करना चाहते. वे आधा काम करके वापस जाना चाह रहे हैं. अगर मजदूर चले गये तो हमारा तो काफी नुकसान हो जाएगा. तबारक ने कहा कि आप दूसरे ईंट भट्ठों से भी पता कर लें. सब जगह यही नियम है कि अगर मजदूर बीच में काम छोड़ता है, तो उसे 750 की जगह 350 रुपए की दर से भुगतान किया जाता है. जहां तक मारपीट करने का सवाल है तो हमने किसी को नहीं मारा, उल्टे उन मजदूरों ने हमारे कोयला मजदूर की पिटाई की थी.

मजदूरों को करवाएंगे रेस्क्यू- उपायुक्त

इस मामले पर रांची उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि शुभम संदेश से मामला संज्ञान में आया है. वे इसपर कार्रवाई करेंगे और मजदूरों को वहां से रेस्क्यू करवाएंगे.

बंधक मजदूरों की लिस्ट

नाम उम्र जीतू मनाहर 30 साल पूजा मनाहर 29 साल जसमीन मनाहर 5 साल अंशु मनाहर 22 साल अनीता मनाहर 20 साल रिया मनाहर 7 महीना सुकालू रात्रे 48 साल रिक्की रात्रे 20 साल बिंदिया रात्रे 18 साल दिव्या रात्रे 16 साल प्रीति रात्रे 12 साल सुनीला मनाहर 22 साल सुनीता मनाहर 20 साल दीपिका कुरे 24 साल पिंकी कुरे 21 साल महिरा कुरे 8 महीना अश्विनी मनाहर 24 साल सोनिया मनाहर 22 साल आयशा मनाहर 6 महीना दयाराम टंडन 55 साल रिहान मनाहर 8 महीना [wpse_comments_template]

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