- 3310 डीप बोरिंग ओर परकोलेशन टैंक (रिसाव तालाब) पर खर्च होंगे 165 करोड़
- 2023-24 में बंजर भूमि विकास योजना के तहत खर्च होंगे 500 करोड़
- 2022-23 में बंजर भूमि विकास योजना में खर्च हए थे 467 करोड़
डीसी की स्वीकृति के बाद 15 दिनों के भीतर काम शुरु करना है
सरकार मानसून से पहले तालाबों के गहरीकारण का काम कर लेना चाहती है. वैसे तालाबों का जीर्णोद्धार एवं गहरीकरण की सरकार की योजना है जिससे 8 से 10 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सके. वैसे तलाबों का जीर्णोद्धार एवं गहरीकरण किया जाना है जिसका क्षेत्रफल 1 एकड़ से 5 एकड़ के बीज हो. 90% राशि राज्य सरकार एवं 10% राशि पानी पंचायत सदस्य कृषक अंशदान करेंगे. डीसी द्वारा तालाबों की सूची को स्वीकृति देने के 15 दिन के भीतर काम शुरु किया जाना है. इसे पढ़ें- फॉलोअप">https://lagatar.in/followup-gml-bhaskar-singh-of-ritwik-company-had-relation-with-operatives-of-aman-sahu-gang-police-is-probing-at-this-point/">फॉलोअप: ऋत्विक कंपनी के जीएमएल भास्कर सिंह का अमन साहू गिरोह के गुर्गों से था संबंध, इस बिंदु पर जांच कर रही पुलिस
निजी तालाबों का भी किया जा सकता है जीर्णोद्धार
योजना की स्वीकृति अंचल अधिकारी द्वारा जमीन का स्वामित्व प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा. साथ ही तालाब के पानी का सार्वजनिक उपयोग को लेकर शपथ पत्र देना होगा. शपथ पत्र में ही इस बात की भी उल्लेख करना होगा कि पानी के सार्वजनिक उपयोग में तालाब मालिक बाधा उत्पन्न नहीं करेगा. निजी तालाब के जीर्णोद्धार में जमीन, खतियानधारी का मालिकाना स्वामित्व बना रहेगा. इसे भी पढ़ें- मोहन">https://lagatar.in/mohan-bhagwat-arrived-will-address-the-training-class-of-volunteers-in-lohardaga-till-may-19/">मोहनभागवत पहुंचे. 19 मई तक लोहरदगा में स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण वर्ग को करेंगे संबोधित

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