और सूखी रोटी लेकर कैदी पहुंचा कोर्ट, कहा- साहब जेल में मिलता है इस तरह का खाना
यह था पूरा मामला
तत्कालीन चेयरमैन अरविंद प्रसाद के समय का यह मामला प्रकाश में आया था. इसके बाद भारी दबाव के बीच सरकार के निर्देश के बाद अरविंद प्रसाद को नयी हेमंत सरकार गठन के बाद जून 2020 में रिजाइन करना पड़ा था. दरअसल अरविंद प्रसाद पर यह आरोप लगा था कि डीवीसी ने नया बिजली टैरिफ प्लान नियामक आयोग में फाइल किया था. चूंकि डीवीसी कमांड एरिया की अधिक बिजली इंडस्ट्रियल एरिया ही उपभोग करती है. डीवीसी का बिजली टैरिफ न बढ़े, इसके लिए गौरव बुधिया ने करीब 9 करोड़ रूपए औद्योगिक इकाईयों से वसूल करके तत्कालीन चेयरमैन अरविंद प्रसाद को दिया था. यहां बता दें कि अरविंद कुमार बिहार कैडर के आइएएस अधिकारी रहे हैं. इनकी नियुक्ति रघुवर दास के शासनकाल में हुई थ. अरविंद कुमार सचिव सुनील कुमार वर्णवाल के करीबी रिश्तेदार हैं.इस तरह काम करता है यह रैकेट
दरअसल आयोग में बिजली टैरिफ बढ़ाने और न बढ़ाने को लेकर बडे औद्योगिक इकाईयों का एक बड़ा रैकेट काम करता है. इससे आयोग के अफसरों को प्रभावित भी किया जाता है. कई बार बड़े औद्योगिक इकाईयों अपने हिसाब से बिजली टैरिफ तय करवाने में अहम भूमिका अदा करते हैं. इसे भी पढ़ें - मॉनसून">https://lagatar.in/monsoon-session-woman-mp-in-bahubali-avatar-carrying-gas-cylinder-oppositions-attack-on-inflation-smriti-irani-hits-back-at-rahul/">मॉनसूनसत्र : गैस सिलेंडर लेकर बाहुबली अवतार में महिला सांसद, महंगाई पर विपक्ष का हल्ला बोल, स्मृति ईरानी का राहुल पर पलटवार [wpse_comments_template]

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