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झारखंड में दहेज के लिए 27 महिलाओं की कर दी गई हत्या

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Shruti Singh Ranchi: झारखंड में महिलाओं के खिलाफ अपराध के आंकड़े भयावह हैं. महिलाओं के साथ दहेज के लिए हत्या और प्रताड़ना के मामले दिन-ब-दिन बढ़ रहे हैं. झारखंड में पिछले दो महीने के दौरान दहेज के लिए 27 महिलाओं की हत्या कर दी गई. मतलब एक महिला हर दूसरे दिन दहेज लोभियों की शिकार हुई.

जाने कहां कितनी महिलाओं की हुई हत्या

रांची- 02 गिरिडीह- 04 धनबाद- 02 बोकारो- 03 चतरा- 02 कोडरमा- 01 रामगढ़- 02 पलामू- 01 लातेहार- 01 हजारीबाग- 02 गढ़वा- 01 दुमका- 01  गोड्डा- 01 देवघर- 02 साहिबगंज- 01 चाईबासा- 01 जमशेदपुर- 01 कुल - 27

दहेज उत्पीड़न मामले में ये है सजा का प्रावधान 

आईपीसी की धारा 498-ए दहेज उत्पीड़न से जुड़ी है. इसमें महिला के पति और उसके रिश्तेदारों की ओर से दहेज की मांग पर सजा का प्रावधान है. ऐसे मामलों में 3 साल की कैद और जुर्माना हो सकता है. इसके अलावा आईपीसी की धारा 406 के तहत अगर महिला का पति या उसके ससुराल के लोग उसके मायके से मिले पैसा या सामान उसे सौंपने से मना करते हैं तो इस मामले में भी तीन साल की कैद और जुर्माना हो सकता है.

दहेज हत्या पर उम्रकैद की सजा 

आईपीसी की धारा 304 बी में यह प्रावधान है कि दहेज के लिए हत्या का मामला साबित होने पर कम से कम सात साल की सजा से लेकर उम्रकैद तक दी जा सकती है. कानून के मुताबिक, यदि शादी के सात साल के भीतर असामान्य परिस्थितियों में लड़की की मौत होती है और मौत से पहले दहेज प्रताड़ना का आरोप साबित हो जाता है तो महिला के पति और रिश्तेदारों को ये सजा हो सकती है. [wpse_comments_template]

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