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श्री वैष्णव दुर्गा मंदिर का 31वां वार्षिकोत्सव आज, सच्चे मन से मांगी गयी हर मुराद होती है पूरी

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श्रद्धा भक्ति व विश्वास का प्रतीक है यह मंदिर Ashish Tagore Latehar :  श्री वैष्णव दुर्गा मंदिर का आज 22 फरवरी को 31वां वार्षिकोत्सव है. हिंदी तिथि के अनुसार, माघ मास की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मंदिर में मां वैष्णव दुर्गा की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गयी थी. तब से लेकर आज तक हर वर्ष इस तिथि को मंदिर का वार्षिकोत्सव मनाया जाता है. मंदिर के वार्षिकोत्सव पर भंडारा और रात्रि भगवती जागरण होगा. मंदिर समिति के सह सचिव रंजीत कुमार व रविंद्र प्रजापति और कोषाध्यक्ष राजू रंजन सिंह ने बताया कि भंडारा में करीब 12 से 15 हजार श्रद्धालु भाग लेंगे. कहा कि शहर का श्री वैष्णव दुर्गा मंदिर न सिर्फ लातेहार बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए श्रद्धा, भक्ति व विश्वास का प्रतीक है. लोग दूर-दराज से मंदिर में आते हैं और माता की चरणों में मत्था टेक सुख व शांति की कामना करते हैं. नगरवासी इस वार्षिकोत्सव को किसी उत्सव से कम नहीं मनाते हैं.

1946 में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर शुरू की गयी थी पूजा-अर्चना

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alt="" width="640" height="640" /> मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि वर्ष 1946 में मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना शुरू की गयी थी. बताया जाता है कि आजादी के पूर्व यहां एक तालाब हुआ करता था. स्थानीय लोगों ने इस तालाब को भरकर एक खपरैल दुर्गाबाड़ी का निर्माण कर दुर्गा पूजा का शुभारंभ किया था. दुर्गाबाड़ी खपरैल व छोटा होने के कारण यहां दुर्गा पूजा का आयोजन करने में लोगों को परेशानी होती थी. वर्ष 1992 में स्थानीय लोगों की एक बैठक में दुर्गाबाड़ी को भव्य मंदिर का स्वरूप देने का निर्णय लिया. मंदिर निर्माण समिति का अध्यक्ष अभिनंदन प्रसाद को बनाया गया. आपसी सहयोग से तकरीबन दो वर्षों में मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हुआ. इसके बाद जयपुर से माता वैष्णव की प्रतिमा लाकर मंदिर में स्थापित की गयी. लोगों का कहना है कि मां की प्रतिमा अद्वितीय है. लोगों की मान्यता है कि जो भी सच्चे मन से मां से मन्नत मांगता है, उसकी मुराद अवश्य पूरी होती है.

विधायक बैद्यनाथ राम ने बनाया विवाह मंडप

वर्ष 2003 में तत्कालीन विधायक वैद्यनाथ राम के विधायक कोटे से मंदिर परिसर में एक विशाल विवाह मंडप बनाया. इसके बाद विधायक ने अपने दूसरे कार्यकाल में मंदिर के ऊपरी तल्ले पर एक हॉल व सात कमरे का निर्माण कराया. जहां हर साल दर्जनों शादियां होती हैं. मंदिर के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी और मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा  भाग ले चुके हैं. गत वर्ष मंदिर की नयी कार्यकारिणी समिति का गठन किया गया है. अध्यक्ष अभिनंदन प्रसाद के स्वेच्छा से इस्तीफा देने के बाद राजेश कुमार गुप्ता उर्फ भोला को मंदिर समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. [wpse_comments_template]

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