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पूर्वी सिंहभूम में 33379 छात्र छात्रवृति से वंचित, 2021-22 में 1.64 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृति देने का लक्ष्य

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Jamshedpur : झारखंड सरकार द्वारा अनुसूचित जाति जनजाति और पिछड़ी जाति के भावी युवा पीढ़ी को शिक्षित करने के उद्देश्य से छात्रवृति योजना चलाई जाती है. इस योजना के तहत प्राथमिक माध्यमिक और इंटरमीडिएट में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को वार्षिक छात्रवृति की राशि दी जाती है. इस संबंध में जिला कल्याण पदाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने बताया कि प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की कक्षा एक से चार तक के छात्र-छात्राओं को 500 रुपए वार्षिक, कक्षा 5 से 6 तक के छात्र-छात्राओं को एक हजार रुपए वार्षिक और कक्षा 7 से 10वीं तक के छात्र-छात्राओं को 1500 रुपए वार्षिक छात्रवृति कल्याण विभाग देती है. यह राशि डीबीटी के माध्यम से लाभुक छात्र-छात्राओं के खाते में सीधे भुगतान किया जाता है. उन्होंने बताया कि इंटरमीडिएट या उसके समकक्ष तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं को छात्रवृति मद में प्राप्त आवंटन राशि और लाभुकों की संख्या के आधार पर छात्रवृत्ति राशि तय की जाती है जो समय-समय पर घटती-बढ़ती रहती है. इसे भी पढ़ें : छात्रवृति">https://lagatar.in/demonstration-of-students-of-bed-college-deprived-of-scholarship-at-dc-office/">छात्रवृति

से वंचित बीएड कॉलेज के विद्यार्थियों का डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन

सभी प्रखंडों से 130621 विद्यार्थियों का डाटा मिला

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्री मैट्रिक के अंतर्गत एक लाख छात्रों को छात्रवृति देने का लक्ष्य रखा गया है. विभिन्न प्रखंडों से 130621 छात्रों का डाटा जिला कल्याण कार्यालय को मिला है. इसमें ई कल्याण पोर्टल में अब तक 110982 छात्रों का डाटा अपलोड किया गया. 19639 छात्रों का डाटा त्रुटि ठीक करने के लिए प्रखंड को वापस किया गया है. शेष 33379 छात्रों का डाटा शिक्षा विभाग ने ई कल्याण पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कल्याण विभाग को अब तक उपलब्ध ही नहीं कराया है. इस संबंध में जिला शिक्षा अधीक्षक विनीत कुमार ने बताया कि सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि छात्रवृति से वंचित 33379 छात्रों से संबंधित डाटा एकत्रित कर कार्यालय में जमा करें.

छात्रवृति मद में 8 करोड़ 99 लाख रुपए आवंटन मिला

वित्तीय वर्ष 2021-2022 में प्री मैट्रिक छात्रवृति योजना मद में 8 करोड़ 99 लाख रुपए आवंटन मिला है. इसमें से वर्ष 2020-21 के 7516 छात्रों को 69 लाख 5 हजार रुपए बांटा गया. वर्ष 2021-22 के कुल 71720 छात्रों को 8 करोड़ 15 लाख 2 हजार 250 रु का भुगतान किया गया. वहीं वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक अल्पसंख्यक छात्रवृति एवं मेरिट व मीन्स योजना के तहत छात्रों द्वारा आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर थी. संस्थाओं द्वारा उक्त आवेदनों को सत्यापन करने की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2022 है. ऐसे में विभाग को 15 जनवरी 2022 के बाद ही अल्पसंख्यक छात्रों की छात्रवृति से संबंधित आवेदन प्राप्त होंगे. [wpse_comments_template]

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