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अजित पवार की बैठक में 35 और शरद पवार की मीटिंग में 13 विधायक आये, गिले-शिकवे के साथ आरोप-प्रत्यारोप के तीर चले

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Mumbai : अजित पवार(NCP) गुट की बैठक खत्म होने के बाद शरद पवार ने आज अपने गुट वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को वाईबी चव्हाण सेंटर में आयोजित बैठक में संबोधित किया. शरद पवार ने कहा कि अगर आप (अजित पवार) किसी चीज से खुश नहीं थे तो बातचीत से रास्ता निकालना चाहिए था. इस क्रम में उन्होंने अजित को नसीहत देते हुए कहा कि अगर कोई गलत काम किया तो वह सजा भुगतने को तैयार रहें. कहा कि हम सरकार का हिस्सा नहीं हैं, लोगों के बीच हैं.                                                                                     ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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जो भाजपा के साथ गये उनका इतिहास वो याद करें.

शरद पवार ने अजित पवार को चेताते हुए कहा कि जो लोग भाजपा के साथ गये उनका इतिहास वो याद करें. उदाहरण दिया कि पंजाब में अकाली दल अब भाजपा से अलग हो गया है. बिहार, आंध्र प्रदेश में भाजपा का गठबंधन टूटा. कहा कि जो भी भाजपा के साथ गया बाद में वह भाजपा गठबंधन से बाहर निकल गया. आरोप लगाया कि भाजपा गठबंधन वाली पार्टी को बर्बाद कर देती है. इस क्रम में सफाई देते हुए कहा कि नागालैंड का उदाहरण महाराष्ट्र में देना ठीक नहीं है. वहां सीमाई राज्यों में स्थिरता के लिए NCP भाजपा के साथ गयी. बता दें कि अजित पवार ने कहा था कि अगर नागालैंड में NCP भाजपा को समर्थन दे सकती है तो महाराष्ट्र में क्यों नहीं.

दल बदल कानून से बचने के लिए दो तिहाई विधायकों का समर्थन चाहिए

खबर है कि अजित पवार की बैठक में अब तक 35 विधायक पहुंच चुके हैं. उधर मुंबई के वाईबी चव्हाण केंद्र में शरद पवार के नेतृत्व वाली बैठक में कुल 13 विधायक, 3 एमएलसी और 4 सांसद मौजूद हैं. एनसीपी के कुल 53 विधायक हैं. जानकारों के अनुसार अजित पवार को दल बदल कानून से बचने के लिए दो तिहाई यानी 36 विधायकों का समर्थन चाहिए. ऐसे में यह देखना पड़ेग कि बाकी के बचे हुए 5 विधायक किस गुट में शामिल होते हैं.

शरद पवार ने  पीएम मोदी को घेरा.

शरद पवार ने पार्टी विधायकों की बैठक में पीएम मोदी को घेरा. कहा कि मोदी ने मध्य प्रदेश में भाषण देते हुए कहा कि NCP ने 70 लाख करोड़ का घोटाला किया है. पीएम ने NCP पर कई टिप्पणियां की. शरद ने तंज कसा कि अगर NCP भ्रष्ट पार्टी है तो उसे सरकार में शामिल क्यों किया. शरद पवार की पुत्री सुप्रिया सुले ने भाजपा पर हल्ला बोलते हुए कहा कि हमारी लड़ाई भाजपा के खिलाफ है. हम भाजपा के खिलाफ है. इस क्रम में सुप्रिया ने पीएम मोदी को भी निशाने पर लिया. कहा कि NCP को भ्रष्ट पार्टी करार देने वाले, ना खाऊंगा ना खाने दूंगा... कहने वाले जरूरत पड़ने पर सबको खा जायेगे. मेरा कहना है कि सिर्फ एक भ्रष्ट पार्टी है, वह भाजपा है.

अजित पवार ने शरद पवार को उम्र का हवाला दिया

इससे पहले अपनी बैठक में अजित पवार ने शरद पवार को उम्र का हवाला दिया. कहा कि शरद पवार को राजनीति छोड़ देनी चाहिए कहा कि पवार साहब आप 83 साल के हो गये हैं, आप कभी रुकेंगे या नहीं. कहा कि हम सरकार चला सकते हैं. हम में ताकत है. फिर हमें मौका क्यों नहीं देते. अजित पवार ने कहा कि कहीं भी लोग 60 साल के बाद रिटायर होते है और आशीर्वाद देने का काम करते है फिर आप (शरद पवार) हमें आशिर्वाद क्यों नहीं देते.

मेरे पिता शरद पवार की तरफ नहीं देखें.

शरद पवार गुट की बैठक में सुप्रिया सुले ने इसका जवाब दिया. सुप्रिया ने कहा, लोग कह रहे हैं कि कुछ लोग बूढ़े हो गये हैं इसलिए उनको सिर्फ आशीर्वाद देना चाहिए. उदाहरण दिया कि रतन टाटा, अमिताभ बच्चन, वॉरन वफेट सब लोग बूढ़े हैं. फारूक अब्दुल्ला जो शरद पवार से तीन साल बड़े हैं वो भी बोल रहे हैं कि शरद को लड़ना चाहिए. सुप्रिया ने अजित पवार को चेताते हुए कहा कि मुझे या किसी को भी आप निशाना बनायें, लेकिन मेरे पिता शरद पवार की तरफ नहीं देखें.

शरद पवार हमारे नेता और गुरु हैं, लेकिन...

अजित पवार ने अपने समर्थकों को बताया कि वे भाजपा के साथ क्यों आये. कहा कि कोई संदेह नहीं कि शरद पवार हमारे नेता और गुरु हैं. लेकिन आज देश में जिस तरह की राजनीति हो रही है, उसे देखना जरूरी है. कहा कि हमारा सपना है कि हम एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यकों के लिए काम करे. अजित पवार ने कहा कि वह (शरद पवार) पहली बार सीएम कैसे बने? तब भी वही स्थिति पैदा हुई जो आज है. वसंतदादा पाटिल की सरकार का पतन हुआ और शरद पवार ने PULOD का गठन किया. 1978 में वे सीएम बन गये.

शरद पवार 2017 में भाजपा के साथ जाने को तैयार थे.

अजित पवार ने राज खोला कि शरद पवार 2017 में भाजपा के साथ जाने को तैयार थे. बताया कि 2017 में वर्षा बंगले पर हमारी बैठक हुई थी. कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल, जयंत पाटिल के आदेश पर मैं और कई अन्य लोग वहां गये थे. वहां भाजपा के कई नेता मौजूद थे. हमारे बीच कैबिनेट पोर्टफोलियो आवंटन और मंत्रियों के पदों पर मंथन हुआ. लेकिन बाद में हमारी पार्टी पीछे हट गयी. तब शरद पवार साहब ने कहा था कि शिवसेना सांप्रदायिक पार्टी है, इसलिए हम उस गठबंधन में नहीं जा सकते. पूछा कि आखिर वही शिवसेना 2019 में सेक्युलर कैसे हो गयी.

लोग अजित पवार को बदनाम करने में लग गये हैं

अजित गुट के नेता प्रफुल्ल पटेल का कहना था कि जब हम शिवसेना की विचारधारा स्वीकार कर सकते हैं, तो भाजपा की विचारधारा से क्या परेशानी है. जब महबूबा मुफ्ती और फारूक अब्दुल्ला भाजपा के साथ आ सकते हैं, तो एनसीपी के साथ आने में क्या परेशानी है.  कहा कि लोग अजित पवार को बदनाम करने की कोशिश में जुट गये हैं. उन पर आरोप मढ़ रहे हैं. प्रफुल्ल पटेल ने साल 2022 को याद करते हुए कहा कि जब शिंदे गुट बगावत कर गुवाहाटी पहुंच गया था, तब NCP के हर विधायक और सांसद पवार साहब के पास गए और उनसे भाजपा के साथ जाने की अपील की, लेकिन वह तैयार नहीं हुए.

किताब लिखूंगा, पूरा देश हिल जायेगा

प्रफुल्ल पटेल का कहना था कि 2019 में आपने (शरद पवार) पूछा कि अजित पवार ने राजभवन में जाकर फडणवीस के साथ शपथ कैसे ले ली? सवाल किया कि अगर उन्होंने पार्टी के खिलाफ जाकर ऐसा किया था, तो उन्हें सरकार में डिप्टी सीएम और विपक्ष का नेता क्यों बनाया गया? मैं ज्यादा बात नहीं करना चाहता. कहै कि जब समय आयेगा, तब मैं किताब लिखूंगा. पूरा देश हिल जायेगा. आप सब जानते हैं कि मैं साये की तरह पवार साहब के साथ था, चाहे सही रहा हो या गलत. [wpse_comments_template]

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