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8 हजार की कॉन्ट्रैक्ट वाली नौकरी के लिए 35 हजार ऑनलाइन घूस देना पड़ रहा

Ranchi : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन विधायक प्रदीप यादव ने सदन में कॉन्ट्रैक्ट पर होने वाली बहालियों की गड़बड़ियों को उठाया. ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत विधायक ने कहा कि राज्य में विभिन्न विभागों में हजारों युवा अनुबंध के आधार पर बहाल हुए हैं. उन्हें स्थाई कर्मियों के मुकाबले उसी काम के लिए 5 गुणा कम वेतन मिल रहा है. आलम यह है कि 8 हजार की नौकरी के लिए 35 हजार की घूस ली जा रही है, वो भी ऑनलाइन. आउटसोर्सिंग दोहन का जरिया बन गया है.

विकास आयुक्त की अध्यक्षता में बनी कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार

सरकार की ओर से इस पर जवाब देते हुए मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि नियुक्ति को लेकर नियम है. सरकार को संविधान के मुताबिक काम करना पड़ता है. स्थाई कर्मचारी ओपन बाजार से लिए जाते हैं. अभ्यर्थियों को परीक्षा देना पड़ता है. उनकी ट्रेनिंग होती है. हजारों लोग परीक्षा में बैठते हैं, जिसमें कुछ सेलेक्ट होते हैं और अधिकांश रिजेक्ट होते हैं, जबकि संविदा कर्मियों की नियुक्ति क्षेत्रीय कमेटी करती है. उन्होंने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों को नियमित करने के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में बनी कमेटी अध्ययन कर रही है. सरकार रिपोर्ट आने के बाद इस पर फैसला लेगी. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/03/56.jpg"

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कॉन्ट्रैक्ट पर हुई नियुक्तियों को सरकार अवैध मानती है तो उसे वैध करे

इस पर प्रदीप यादव ने कहा कि अगर सरकार कॉन्ट्रैक्ट पर हुई बहालियों को अवैध मानती है, तो इन्हें वैध क्यों नहीं करती है. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने के कारण आउटसोर्सिंग शोषण का जरिया बन गया है. सरकार आउटसोर्सिंग कंपनियों पर लगाम लगाए और विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी जल्द अपनी रिपोर्ट दे. कमेटी गठित हुए 2 साल हो चुका है. रिपोर्ट जल्दी आये, ताकि इस समस्या का समाधान हो सके.

वैकल्पिक व्यवस्था होने तक नहीं की जाए हाई स्पीड ट्रेन के ट्रैक की घेराबंदी

विधायक अमित कुमार यादव ने सदन में कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली से कोलकाता तक हाई स्पीड ट्रेन का ट्रैक बनवा रही है. जहां-जहां ट्रैक घनी आबादी वाले जगह से गुजर रहा है, वहां घेराबंदी की जा रही है. इसके कारण हजारीबाग और कोडरमा में कई जगहों पर आम लोगों का आवागमन बंद हो जाएगा. इसलिए जिन जगहों से ट्रैक गुजर रहा हो, वहां अंडरपास का निर्माण कराया जाए. विधायक ने कहा कि जबतक कोई वैकल्पिक व्यवस्था न हो तबतक सड़कों को न घेरा जाए. इस बाबत जिलों के डीसी को निर्देश दिया जाए. इस पर मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि जिन जगहों की विधायक बात कर रहे हैं, वहां की रिपोर्ट लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिखा जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि उन जगहों पर रेलवे ट्रैक की घेराबंदी को लेकर रेलवे को पत्र भी लिखा गया है. रेलवे की रिपोर्ट आने के बाद राज्य सरकार आगे की कार्रवाई करेगी.

सदन में सरकार का आश्वासन, राज्यभर के तालाब होंगे अतिक्रमण मुक्त

विधानसभा में सरकार ने राज्यभर के तालाबों को अतिक्रमण मुक्त करने का आश्वासन दिया है. सरकार तालाबों का एक सर्वे भी कराएगी. विधायक प्रदीप यादव के सवाल पर मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि राज्यभर में जांच कर सभी अतिक्रमण युक्त तालाबों को चिन्हित कर उन्हें अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा. प्रदीप यादव ने पूछा था कि क्या सरकार टास्क फोर्स का गठन कर तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त कराना चाहती है. उन्होंने कहा कि अतिक्रमण से वर्षा जल का संचयन नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण जल स्तर काफी नीचे भाग रहा है. स्पीकर रबिन्द्र नाथ महतो ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए मंत्री से सर्वे कराकर पूरे राज्य की तालाबों को अतिक्रमण मुक्त करने कहा, जिस पर मंत्री ने सहमति दी.

लंबित प्रधानमंत्री आवास के निर्माण कार्य जल्द होंगे पूरे- आलमगीर

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत बेघर लोगों को घर देने का काम हो रहा है. 1 लाख 68 हजार 914 मामले लंबित हैं, जिन्हें जल्द पूरा किया जाएगा. ये बातें ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने कही. उन्होंने कहा कि कई जगह इसलिए भी लंबित हैं, क्योंकि लाभुकों के द्वारा राशि निकालकर भी काम पूरा नहीं कराया गया है. सबकी मॉनिटरिंग हो रही है. विधायक अंबा प्रसाद ने पूछा था कि क्या राज्य सरकार के पास लंबित आवासों को पूरा कराने के लिए और नए आवास बनाने को लेकर कोई योजना है. क्योंकि 1 लाख 50 हजार से ज्यादा आवास निर्माण का कार्य लंबित है.

अधिकारी दीर्घा से फोटो ले रहे थे पदाधिकारी, स्पीकर के आदेश पर मोबाइल जब्त

विधानसभा में अधिकारी दीर्घा की लगातार शिकायत आ रही है. बुधवार को अधिकारी दीर्घा में बैठे एक पदाधिकारी चलते सदन की फोटो खींच रहे थे. विधायक सीपी सिंह ने इसे देखा और स्पीकर के सामने बात रखी. स्पीकर ने कहा कf ऐसा नहीं होना चाहिए. उन्होंने अधिकारी का मोबाइल लेने का निर्देश दिया. इससे पहले 27 फरवरी को राष्ट्रगान के समय अधिकारी दीर्घा के 7 पदाधिकारी अपनी सीट पर बैठे रहे थे. इसे लेकर भी विधायकों ने नाराजगी जताई थी.

सदन में बोले मंत्री – कभी इंडिया से बाहर गए नहीं, जायेंगे तो देखेंगे साइकिल शेयरिंग सिस्टम

भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने सदन में रांची की पब्लिक शेयरिंग सिस्टम का मामला उठाया. कहा कि शहर की आबादी 22 लाख है और इस योजना से शहर में 60 साइकिल स्टैंड बने हैं. इनसे 600 साइकिल चल रहे हैं. दूसरे चरण में और 60 स्टैंड और 600 साइकिल चलाने की तैयारी चल रही है. विधायक ने कहा कि 1200 साइकिल आखिर चलेंगे कहां. शहर में साइकिल ट्रैक नहीं है. उन्होंने कहा कि दूसरे शहरों और विदेशों के ट्रैफिक सिस्टम काफी अच्छा है और साइकिल शेयरिंग सिस्टम काफी सफल है. इस पर मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि इंडिया से बाहर गए ही नहीं हैं, जायेंगे तो देखेंगे. इसे भी पढ़ें – बीरेंद्र">https://lagatar.in/call-records-reveal-more-than-a-dozen-mlas-and-leaders-were-in-contact-with-birendra-ram/">बीरेंद्र

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