Ranchi : झारखंड के मनरेगा मजदूरों को राज्य सरकार ने एक बड़ी राहत दी है. सरकार ने उनके खाते में मजदूरी के रूप में 350 करोड़ रुपये डाल दिये हैं. मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने कहा है कि झारखंड के मनरेगा मजदूरों की मजदूरी मद में 350 करोड़ रुपये बकाया था. राज्य सरकार की ओर से इसके लिए लगातार">http://lagatar.in">लगातार
प्रयास किया जा रहा था. यह राशि अब तक झारखंड को नहीं मिली थी. हालांकि केंद्र सरकार ने इस वित्तीय वर्ष की सोलहवीं किस्त रिलीज कर दी है. उन्होंने कहा है कि कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान कोई भूखा न रहे, इसके लिए सरकार प्रयासरत है. सरकार के स्तर पर न सिर्फ बाहर से आए लोगों को बल्कि मनरेगा के तहत काम कर रहे मजदूरों का भी विशेष ख्याल रखा जा रहा है. इसे भी पढ़ें-झारखंड">https://lagatar.in/dalmia-cement-will-invest-500-crores-in-jharkhand-hemant-told-investors-if-you-give-jobs-to-sc-sts-they-will-encourage/143321/">झारखंड
में 500 करोड़ का निवेश करेगी डालमिया सीमेंट, हेमंत ने निवेशकों से कहा : एससी-एसटी को जॉब दें तो करेंगे प्रोत्साहन बता दें कि केंद्र सरकार ने मनरेगा मजदूरों की मजदूरी 194 रुपये से बढ़ाकर 198 रुपये कर दी है. इसके बाद झारखंड सरकार ने मनरेगा मजदूरों को राज्य सरकार के मद से 27 रुपये और बढ़ाकर 225 भुगतान कर रही है. मनरेगा आयुक्त ने मनरेगा योजना से जुड़े कर्मचारी एवं पदाधिकारी जिला से प्रखंड स्तर तक को आह्वान किया कि कोविड-19 महामारी की चपेट में आये लोगों को अधिक से अधिक आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाएं. इससे पहले शुक्रवार को ग्रामीण विकास विभाग सचिव मनीष रंजन ने वर्चुअल माध्यम से मनरेगा योजनाओं की समीक्षा की. बैठक के दौरान सभी जिलों के डीडीसी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, परियोजना पदाधिकारी एवं प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी जुड़े थे. बैठक में मनरेगा योजना के तहत किये जा रहे कार्यों की मनरेगा आयुक्त द्वारा जिलावार विस्तार से समीक्षा की गई. समीक्षा के क्रम में अपेक्षाकृत कम प्रगति करने वाले जिलों के डीडीसी को मनरेगा आयुक्त ने कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया. इसे भी पढ़ें-कांड्रा">https://lagatar.in/fob-guard-was-mounted-with-450-ton-crane-at-kandra-station-people-of-17-villages-will-be-facilitated/143331/">कांड्रा
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प्रयास किया जा रहा था. यह राशि अब तक झारखंड को नहीं मिली थी. हालांकि केंद्र सरकार ने इस वित्तीय वर्ष की सोलहवीं किस्त रिलीज कर दी है. उन्होंने कहा है कि कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान कोई भूखा न रहे, इसके लिए सरकार प्रयासरत है. सरकार के स्तर पर न सिर्फ बाहर से आए लोगों को बल्कि मनरेगा के तहत काम कर रहे मजदूरों का भी विशेष ख्याल रखा जा रहा है. इसे भी पढ़ें-झारखंड">https://lagatar.in/dalmia-cement-will-invest-500-crores-in-jharkhand-hemant-told-investors-if-you-give-jobs-to-sc-sts-they-will-encourage/143321/">झारखंड
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