New Delhi : भारत के रक्षा गलियारे से बड़ी खबर सामने आयी है. हिंद महासागर में एक नोटम (NOTAM) जारी किया गया है. भारत ने 6 से 9 मई (2026) तक हिंद महासागर के विशाल क्षेत्र को नो फ्लाई जोन घोषित कर दिया है. नो फ्लाई जोन लंबाई लगभग 3560 किलोमीटर है. सूत्रों के अनुसार अग्नि-6 का प्रारंभिक टेस्ट किये जाने की संभावना है.
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हिंद हिन्द महासागर में3560 किलोमीटर के क्षेत्र को खाली करने का आदेश जारी करना साधारण प्रक्रिया कतई नहीं कहा जा सकता है. इतनी लंबी रेंज का मिसाइल परीक्षण भारत की परमाणु ताकत को और अधिक घातक बनाने की दिशा में अहम कदम है.
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार आमतौर पर अग्नि-5 के परीक्षणों के लिए भी बड़े क्षेत्र आरक्षित किये जाते हैं लेकिन इस बार का दायरा बहुत बडा है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के (DRDO) चीफ द्वारा पूर्व में दिये गये संकेत इस नोटम को अग्नि-6 परीक्षण की संभावना से जोड़ रहे हैं.
अग्नि-6 को भारत की पहली वास्तविक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) करार दिया जा रहा है. इसकी मारक क्षमता 8,000 से 10,000 किलोमीटर तक बताई जाती है. अग्नि-6 का संभावित परीक्षण न केवल तकनीकी उपलब्धि है बल्कि एक बड़ा कूटनीतिक संदेश भी है.
3,560 किलोमीटर का परीक्षण पथ यह सुनिश्चित करने के लिए काफी है कि भारतीय मिसाइलें न केवल पूरे एशिया बल्कि यूरोप और अफ्रीका के कई हिस्सों तक अपनी पहुंच बनाने में सक्षम हैं.
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