Chandigarh : चंडीगढ़ से एक अहम खबर आयी है. खबर यह है कि चंडीगढ़ के पोस्टग्रेजुएट इंस्टीटयूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन रिसर्च (PGIMER) के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एजुकेशन में पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम का 100वां एपिसोड नहीं सुनने पर 36 नर्सिंग छात्राओं को सजा मिली है. उन पर सात दिन के लिए हॉस्टल और PGI से बाहर निकलने पर रोक लगा दी गयी है. जानकारी के अनुसार PGI ने पूर्व में लिखित आदेश जारी किया था कि नर्सिंग की सभी छात्राएं प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात सुनेंगी, लेकिन आदेश को दरकिनार करते हुए नर्सिंग थर्ड ईयर की 28 और फर्स्ट ईयर की आठ छात्राओं ने मन की बात नहीं सुनी.
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छात्राओं को मन की बात कार्यक्रम सुनने को कहा गया था
रिपोर्ट्स के अनुसार पीजीआई चंडीगढ़ ने आदेश जारी कर कहा है कि नर्सिंग की सभी छात्राओं को मन की बात कार्यक्रम सुनने को कहा गया था, लेकिन 36 छात्राओं ने इसे नहीं सुना. इसलिए इनकी आउटिंग(बाहर जाना) 7 दिनों के लिए बंद कर दी गयी है. पीजीआई ने जो आदेश जारी किया है, उसमें कहा गया है कि 30 अप्रैल को नर्सिंग स्टूडेंट्स को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम सुनने के लिए कहा गया था. आदेश के अनुसार यह निर्देश नियमित पाठ्यक्रम गतिविधियों के रूप में शामिल होने के इरादे से दिया गया था. कहा गया कि इस कार्यक्रम के पहले के एक एपिसोड में प्रधानमंत्री ने अंगदान के नेक काम को बढ़ावा देने पर बात की थी, जो मनोबल बढ़ाने वाला था.
कार्यक्रम के दौरान लेक्चर थियेटर से गायब थी छात्राएं
पीजीआई आदेश में कहा गया है कि चूंकि इस बार के एपिसोड (मन की बात) को कुछ छात्राओं ने नहीं सुना. साथ ही नहीं सुनने की कोई वजह भी नहीं बताई, लेक्चर थियेटर से कार्यक्रम के दौरान अनुपस्थित रही, इसलिए कॉलेज के अधिकारियों ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है. कहा है कि उन्हें पीजीआईएमईआर प्रशासन की नाराजगी की जानकारी दे दी गयी है. [wpse_comments_template]
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