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हजारीबाग में छत्तीसगढ़ के 40 किसान सीख रहे खेती के गुर

 
डीवीसी भूमि संरक्षण विभाग की ओर से दी जा रही जानकारी छह दिनों तक मिलेगा प्रशिक्षण, भ्रमण के साथ कर रहे मिट्टी परीक्षण Hazaribagh : हजारीबाग में छत्तीसगढ़ से आए 40 किसान खेती-बारी के अलावा मत्स्य पालन आदि के गुर सीख रहे हैं. डीवीसी भूमि संरक्षण विभाग की ओर से यह जानकारी दी जा रही है. किसानों का छह दिनों तक प्रशिक्षण मिलेगा. भ्रमण के दौरान किसान मिट्टी परीक्षण कर रहे हैं. वहीं मृदा सैंपलिंग, जल छाजन, चेक डैम का निर्माण, वानिकी का भी प्रशिक्षण ले रहे हैं. पहली बार छत्तीसगढ़ सरकार ने सूरजपुर से आए अंबिकापुर जिले के 40 किसानों को सामाजिक और आर्थिक प्रगति के लिए यहां प्रशिक्षण लेने के लिए भेजा गया है. इसे भी पढ़ें :चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-mp-informed-the-electrical-superintending-engineer-about-the-problems/">चाईबासा

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निदेशक ने संवाद के जरिए किसानों को दी कई जानकारी

किसानों से संवाद करते हुए डीवीसी के निदेशक संजय कुमार ने कहा कि झारखंड की मिट्टी और भौगोलिक संरचना में काफी समानता है. इस विभाग की विभिन्न गतिविधियों से परिचित होकर किसानों को अपनी फसल पैदावार को बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से वर्षा जल संचयन को अगर संरक्षित करके उसका उपयोग सीख लेंगे, तो अपने आप ही गांव स्वाबलंबी हो जाएंगे. जल संचयन से कृषि और मत्स्य पालन सीधे रूप से जुड़े हुए हैं और दोनों ही नकदी फसलें हैं.

इन स्थलों पर दिया जाएगा प्रशिक्षण

छत्तीसगढ़ से प्रशिक्षणार्थियों को छह दिनों में मिट्टी परीक्षण, बरही प्रखंड के कुंडेवा और दरूआ, कदवा आदि आसपास के गांवों के कुल 21 चेक डैमों, कोनार डैम, मैथन मत्स्य पालन केन्द्र, डेमोटांड कृषि केन्द्र में प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसे भी पढ़ें :रांची">https://lagatar.in/route-of-three-trains-going-from-ranchi-to-south-changed/">रांची

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भूमि संरक्षण पदाधिकारी ने साझा किए अनुभव

भूमि संरक्षण पदाधिकारी सूरजपूर, छत्तीसगढ़ के डॉ शेखर कुमार सोनी ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि पिछले साल वह डीवीसी में 45 दिवसीय सघन प्रशिक्षण लेकर गए हैं. उसके फलस्वरूप उनकी कार्य गुणवत्ता में काफी सुधार आया है. उन्होंने बताया कि वह तकनीकी रूप से भूमि और जल संरक्षण की सूक्ष्म जानकारियों को डीवीसी में ही सीखे, जिससे भूमि संरक्षण कार्यों के क्रियान्वयन में काफी बढ़ोतरी हो रही है.

किसानों की कार्यशैली में आएगा बदलाव : जीतेंद्र झा

प्रशिक्षण प्रभारी डॉ जीतेंद्र झा ने सभी कृषकों को कहा कि यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद निश्चित रूप से किसानों की कार्यशैली में बदलाव आएगा, जो उनके गांव को एक नई पहचान देगा. इस दौरान डॉ अशोक कुमार, एसके भद्रा, टीके लोध, संदीप पाल, दीपक कुमार, धीरज कुमार, मदन कुमार आदि उपस्थित थे. इस प्रशिक्षण के सफल आयोजन में नीलू रजक, अर्द्धेन्दु द्वारी, श्रीराम प्रसाद, निर्मल रजक, सुरेन्द्र नारायण सिंह, ओबी हेम्ब्रम, सुनील कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. [wpse_comments_template]
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