प्रति यूनिट एक रुपये की दर से देना है 5 किलो राशन
गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करनेवाले परिवारों के लिए राज्य सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत ग्रीन राशन कार्ड जारी किया था. योजना 15 नवंबर 2020 से लागू है. कार्ड पर प्रति यूनिट एक रुपये की दर से 5 किलो खद्यान्न देने का प्रावधान है.गरीबों की सुनने वाला कोई नहीं : दुर्गा हेंब्रम
[caption id="attachment_556709" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="225" /> दुर्गा हेंब्रम[/caption] दामोदरपुर में रहने वाले दुर्गा हेंब्रम ने कहा कि गरीबों का सुनने वाला कोई नहीं है. 5 माह से राशन बंद है, लेकिन प्रशान को तनिक भी चिंता नहीं है. पीडीएस दुकान से मिलने वाले चावल से माड़-भात खाकर गुजारा परिवार का गुजारा हो जाता था. अब तो इस पर भी लाले पड़ गए हैं. परेशानी बढ़ गई है.
मजदूरी कर किसी तरह चला रहे परिवार : श्याम सुंदर
[caption id="attachment_556712" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="225" /> श्याम सुंदर[/caption] दामोदरपुर के ही श्याम सुंदर हेंब्रम ने कहा कि किसी तरह मजदूरी कर परिवार चला रहे हैं. 5 महीने से पीडीएस दुकान का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार दुकानदार दे रहा है. बताता है कि सरकार से ही अनाज नहीं आया है.
परिवार चलाना हुआ मुश्किल : विशान कुमार हेंब्रम
[caption id="attachment_556713" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="225" /> विशाल कुमार हेंब्रम[/caption] विशाल कुमार हेंब्रम ने बताया कि मजदूरी करके के घर-गृहस्थी चलानेवालों को हर महीने खाने के लिए चावल ही मिल जा रहा था. वह बहुत बड़ा सहारा था. अनाज नहीं मिलने से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है.
एडीएम बोले- सरकार से नहीं मिला आवंटन
एडीएम खाद्य एवं आपूर्ति योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि पिछले करीब 5 महीने से ग्रीन राशन कार्ड का आवंटन राज्य सरकार से बंद है. इसके कारण कार्डधारियों को अनाज का वितरण नहीं हो पा रहा है. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-a-persons-time-improves-just-by-worshiping-god-surendra-haridas/">धनबाद: भगवान का भजन करने मात्र से व्यक्ति का समय सुधर जाता है- सुरेंद्र हरिदास [wpse_comments_template]

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