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23 वर्षों में भी नहीं भरा जा सका 4401 उर्दू शिक्षकों का पद, लोगों में नाराजगी

Ranchi : झारखंड के ज्वलंत सवालों को लेकर आमया संगठन की बैठक कांके के मिल्लत कॉलोनी में हुई. बैठक में संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष एस अली ने कहा कि महागठबंधन सरकार अपने किये वादों को पूरा करने में विफल रही है. राज्य में ना तो नियोजन नीति बनी और ना ही स्थानीय नीति बन पायी. 23 वर्षों में भी 4401 उर्दू शिक्षकों का पद नहीं भरा जा सका. आज भी 3700 पद खाली हैं. जिसे इंटर और स्नातक प्रशिक्षित से भरा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि झारखंड के मुसलमानों को संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखा गया. 3 साल गुजरने के बाद भी बोर्ड निगम आयोग कमेटी का गठन नहीं किया गया. विभिन्न घटनाओं के पीड़ित परिवार न्याय के लिए ठोकरें खा रहे हैं. मॉबलिंचिंग पर अबतक कानून नहीं बनी. दो वर्षों से मदरसा आलिम फाजिल की परीक्षा नहीं हुई. शिक्षा मंत्री के आदेश पर 544 उर्दू स्कूलों को सामान्य विद्यालय बनाकर शुक्रवार की छुट्टी समाप्त कर दी गई. इसे भी पढ़ें - अलर्ट">https://lagatar.in/alert-action-will-be-taken-on-big-electricity-bill-defaulters-from-february-15-certificate-case-will-be-done/">अलर्ट

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सरकार ने किया वादा नहीं निभाया

इससे आगे कहा कि सरकार ने मेनुफेस्टो में जो वादा किया था, उसे निभाने में अबतक नाकाम कर रही है. बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि सरकार के गलत निर्णय और उपेक्षा को आम लोगों को बताया जाएगा और तीसरे राजनीतिक विकल्प पर जल्द निर्णय ली जाएगी. बैठक की अध्यक्षता मो. फुरकान ने किया. बैठक में जियाउद्दीन अंसारी, अब्दुल रहमान, जावेद अंसारी, राजा मेहंदी, आसिफ समीर, सरफराज सामी, मो. आसिफ, अख्तर रजा, हिफजूल रहमान, तबरेज अंसारी, इमरान जिलानी, अहमद रजा, सद्दाम अंसारी, मो. तौसीफ, साहिल आलम के अलावा अन्य उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें - ‘लिफाफा’">https://lagatar.in/governor-ramesh-bais-left-without-opening-secret-of-lifafa/">‘लिफाफा’

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