- पेपर लीक मामले में हुई बड़ी कार्रवाई
- NTA के 47 अधिकारी नौकरी से बर्खास्त
- कुछ अफसरों पर होगी कानूनी कार्रवाई
New Delhi: पेपर लीक मामले में छात्रों के बढ़ते आक्रोश के बाद आखिरकार केन्द्र सरकार को टेबल पर आना ही पड़ा. शुक्रवाार शाम को शिक्षा मंत्रालय की हुई हाई लेवल मीटिंग में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि कुछ अफसरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.
अगले एक महीने के भीतर एजेंसी के पूरे ढांचे में बदलाव किए जाएंगे, ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सके. शिक्षा मंत्रालय की ओर से बताया गया कि पेपर लीक मामले में NTA में बड़ा बदलाव किया गया है.
बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी है. इधर सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है, क्योंकि सरकार ने सुधार, मुआवजे और संसद में चर्चा का भरोसा दिया. पीएम मोदी ने गुरुवार रात 12 बजे सोशल मीडियो पोस्ट कर पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई की बात कही थी.
पेपर लीक पर सरकार लोक परीक्षा अधिनियम 2024 बिल लेकर आई है, जिसके तहत 5 साल तक जेल, 10 लाख जुर्माने का प्रावधान किया गया है. वहीं इससे जुड़े गिरोह के सदस्य को 10 साल तक जेल, एक करोड़ जुर्माना और यदि एजेंसी की पेपर लीक में संलिप्ता मिलती है, तो एक करोड़ जुर्माना और उनसे लागत भी वसूलने का प्रावधान किया गया है.
आपको ये भी जानना चाहिए कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी हर साल 15 से 20 नेशनल लेवल की परीक्षाएं आयोजित कराती है. इनमें NEET, JEE, CUET समेत कई प्रमुख प्रवेश परीक्षाए शामिल हैं.
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