Ravi Bharti
Ranchi : झारखंड में पांच लाख 71 हजार 878 हेक्टेयर भूमि बंजर हो गई है. वहीं राज्य के 13 जिलों में 20 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि योग्य भूमि बंजरपन की चपेट में आ गयी है. इसका खुलासा राज्य सरकार के सांख्यिकी निदेशालय की रिर्पोट से हुआ है. रिर्पोट के मुताबिक, झारखंड में 79 लाख 70 हजार 75 हेक्टेयर भूमि उपयोग के लिए प्रतिवेदित की गई है. इसमें से सात लाख नौ हजार 548 हेक्टेयर भूमि का उपयोग कृषि को छोड़ कर दूसरे कामों के लिए हो चुका है. वहीं राज्य में बेकार पड़ी कृषि योग्य जमीन तीन लाख 49 हजार 236 हेक्टेयर है.
24.78 लाख हेक्टेयर भूमि है परती
झारखंड में 24 लाख 78 हजार 342 हेक्टेयर परती जमीन है. वहीं एक बार से अधिक बुआई वाली भूमि दो लाख 53 हजार 417 हेक्टेयर है. एक लाख एक हजार 985 हेक्टेयर में विभिन्न तरह के वृक्ष लगे हुए हैं. जबकि 22 लाख 39 हजार 481 हेक्टेयर जंगल भूमि है. वहीं स्थायी चारागाह के लिए एक लाख 13 हजार 620 हेक्टेयर भूमि है.
13 जिलों की जमीन बंजर की चपेट में
राज्य के 13 जिले ऐसे हैं, जिसमें 20 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि बंजर हो गई है. इनमें रांची में 28535 हेक्टेयर, गुमला में 38134, सिमडेगा में 24069, पश्चिम सिंहभूम में 55181, पूर्वी सिंहभूम में 46763, सरायकेला में 20085, पलामू में 26708, गढ़वा में 26497, लातेहार में 25365, गिरिडीह में 38463, बोकारो में 40311, धनबाद में 31102 और दुमका में 25642 हेक्टेयर भूमि बंजर हो गई है.
मनरेगा आयुक्त ने क्या दिया है निर्देश
मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने निर्देश दिया है कि सभी 28 पीआइएएस जलछाजन परियोजना के तहत बंजर-परती भूमि चिह्नित कर उसे इस लायक बनाया जाए, जिससे वहां भूगर्भ जल स्तर में सुधार किया जा सके. इसे प्राथमिकता के तौर पर करने को कहा गया है, ताकि इससे जल व मिट्टी का संरक्षण किया जा सके.
किस जिले में कितनी जमीन हो गई बंजर
जिला - जमीन (हेक्टेयर में) रांची - 28535 खूंटी - 19656 लोहरदगा - 9306 गुमला - 38134 सिमडेगा - 24069 पश्चिम सिंहभूम - 55181 पूर्वी सिंहभूम - 46763 सरायकेला - 20085 पलामू - 26708 गढ़वा - 26497 लातेहार - 25365 हजारीबाग - 19501 रामगढ़ - 12939 चतरा - 10192 कोडरमा - 9710 गिरिडीह - 38463 बोकारो - 40311 धनबाद - 31102 दुमका - 25642 जामताड़ा - 7789 गोड्डा - 17675 देवघर - 17556 साहेबगंज - 10255 पाकुड़ – 10444