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झारखंड की 50 फीसदी पंचायतें माइनिंग से प्रभावित, अनुसूचित जिलों में 32 हजार TB के मरीज

झारखंड की 50 फीसदी पंचायतें माइनिंग से प्रभावित हैं. माइनिंग से प्रभावित क्षेत्र में प्रदूषण से TB सहित अन्य प्रकार की बीमारियां होती हैं.
 

Ranchi :  झारखंड की 50 फीसदी पंचायतें माइनिंग से प्रभावित हैं. माइनिंग से प्रभावित क्षेत्र में प्रदूषण से TB सहित अन्य प्रकार की बीमारियां होती हैं. झारखंड के अनुसूचित जिलों में 32 हजार लोग TB से प्रभावित हैं. माइनिंग प्रभावित क्षेत्र में प्रदूषण सहित अन्य प्रकार की समस्याओं से निपटने के लिए खनिजों पर लगने वाले रायल्टी का 30 फीसदी DMFT के रूप में वसूलने का कानूनी प्रावधान है. 

इसका इस्तेमाल माइनिंग के प्रभावित क्षेत्र के लोगों को खनन के प्रभाव से बचाने और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाना है. लेकिन राज्य में DMFT के पैसों का बेजा इस्तेमाल हुआ. अफसरों के लिए जिम बनाये गये. सरकारी दफ्तरों के रंग रोगन के अलावा अनेकों ऐसे काम किये गये, जिसे नहीं किया जाना था.

 


राज्य में कुल 4345 पंचायतें हैं. राज्य के विभिन्न जिलों द्वारा DMFT के तहत माइनिंग से प्रभावित करीब 2000 पंचायतों को चिह्नित किया गया है. यानी माइनिंग की वजह से राज्य की करीब 50 फीसदी पंचायतें प्रभावित हैं. 

 


माइनिंग की वजह से राज्य की 50 फीसदी पंचायतों में वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, स्वायल प्रदूषण होता है. वायु प्रदूषण से माइनिंग क्षेत्र में रहने वाले लोगों को TB, Silicosis, सहित फेंफड़ों से जुड़ी कई प्रकार की बीमारियां होती हैं.

 


भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा तैयार INDIA TB REPORT 2024 में विभिन्न राज्यों में TB की स्थिति का उल्लेख किया गया है. भारत सरकार द्वारा तैयार इस रिपोर्ट में झारखंड में TB के कुल 63,137 मरीजों के होने का उल्लेख किया गया है.

 


इसमें 42 हजार से अधिक पुरुष और 20 हजार से अधिक महिलाओं के TB से पीड़ित होने का उल्लेख है. इन मरीजों का इलाज चल रहा है. रिपोर्ट के अनुसार TB से पीड़ित कुल 63,137 मरीजों में से 32,993 मरीज राज्य के अनुसूचित जिले में हैं.

 


राज्य के सभी 24 जिले माइनिंग से प्रभावित क्षेत्र में शामिल हैं. इन जिलों के अलग-अलग पंचायतों में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, पत्थर, बालू सहित अन्य प्रकार के मेजर और माइनर मिनरल्स का माइनिंग होता है. इससे इन जिलों के विभिन्न क्षेत्रों में वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण सहित अन्य प्रकार की समसयाएं पायी जाती हैं.

 


माइनिंग से पैदा होने वाली समस्याओं को कम से कम करने के लिए DMFT का प्रावधान किया गया है. इसके तहत खनिजों पर लगने वाले रायल्टी की 30 फीसदी राशि की वसूली DMFT के रूप में की जाती है. सरकार ने DMFT की राशि के खर्च के लिये नियम बना रखा है. इसके तहत इस राशि का उपयोग प्रभावित क्षेत्र में करने का प्रावधान है.

 


जिलों के DMFT द्वारा खर्च की जाने वाली राशि की उपयोगिता के ऑडिट का नियम बनाया गया है. इसके तहत सभी DMFT को हर वित्तीय वर्ष में इस मद में मिली राशि और उसके खर्च का ब्योरा महालेखाकार को सौंपना है. लेकिन राज्य गठन के बाद से 24 से किसी भी जिले ने DMFT का लेखा जोखा महालेखाकार कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराया है. इससे DMFT के खर्च की उपयोगिता का सही-सही आकलन नहीं हो पा रहा है. 

 


महालेखाकार ने DMFT की उपयोगिता का आकलन करने के लिए नमूना के तौर पर रांची,चतरा,बोकारो और लोहरदगा में ऑडिट किया. महालेखाकार द्वारा किये गये ऑडिट में बड़े पैमाने पर प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना(PMKKKY) के दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने का मामला पकड़ा. सदन में रिपोर्ट पेश हुई. लेकिन नियम का उल्लंघन करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.
 

DMFT के नमूना जांच में मिली गड़बड़ी का उदाहरण 


बोकारो के जिला योजना पदाधिकारी ने अक्टूबर 2019 में बोकारो स्टील प्लांट के विभिन्न सेक्टरों में 1.08 करोड़ की लागत पर 24 ओपेन जिम बनाने का टेंडर निपटाया. जनवरी 2020 तक जिम बनाये गये. बोकारो के उपायुक्त ने भुगतान का आदेश दिया. लेकिन जिम स्थापित करने की योजना पर ग्राम सभा की सहमति नहीं ली गयी.

 

चतरा और लोहरदगा जिले में उपायुक्तों द्वारा 1.15 करोड़ की लागत पर उपायुक्त कार्यालय और कलेक्ट्रेट भवन के जीरणोद्धार और मरम्मत का काम कराया गया. महालेखाकार ने इसे अत्यंत गंभीर मामला करार देते हुए दोषी अधिकारियों को चिह्नित करने और वसूली की अनुशंसा की.


रांची जिला में 85.86 लाख रुपये की लागत से मैक्लुस्किगंज में डाक बंगला बनाया गया. योजना स्वीकृत करने के बाद इसे जिला परिषद को हस्तांतरित कर दिया गया. डाक बंगला निर्माण को स्किल डेवलपमेंट और लाइवलीहुड के मद में दिखाया गया.

 

माइनिंग के प्रभावित पंचायत

 

जिला प्रभावित
धनबाद 244 
रामगढ़ 86 
चतरा 100
देवघर 47
गोड्डा 60 
हजारीबाग 120 
गिरिडीह 59 
पलामू 86 
पाकुड़ 100
चाईबासा 200 
गुमला 13
जमशेदपुर 90 
लोहरदगा 10 
सरायकेला 97
कोडरमा 85
बोकारो 180 
गढ़वा 90 
खूंटी 28
सिमडेगा 20
जामताड़ा 50
दुमका 98
साबिहगंज 100
लातेहार 20





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