- 10 साल तक किसी भी चुनाव में खड़ा नहीं होने का भी मिल सकता है दंड
वोट नहीं डालने वाले सरकारी कर्मियों का 10 दिन का वेतन कटेगा
विधेयक के अनुसार देश में होनेवाले लोकसभा, विधानसभा और अन्य चुनावों में मतदान कम होने की स्थित दिखती है. प्रायः देखा जा रहा कि मतदान का औसत प्रतिशत 60 तक रहता है. ऐसी परिस्थिति में देश के सभी नागरिक के लिये मतदान करने की अनिवार्यता पर बल दिया गया है. मतदान नहीं करने वाले सरकारी कर्मियों के लिए कड़े दंड का इस विधेयक में प्रावधान किया गया है. जो सरकारी कर्मी जान बूझकर मतदान में शामिल नहीं होंगे उनके 10 दिन का वेतन जब्त करने या प्रोन्नति में 2 साल की देर करने का भी प्रावधान विधेयक में रखा गया है. इसे भी पढ़ें –क्लिनिकल">https://lagatar.in/jharkhand-government-to-amend-the-clinical-establishment-act-sahajanand-singh/">क्लिनिकलइस्टैब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन करे झारखंड सरकार : सहजानंद सिंह
नि:शक्त, बीमार, गर्भवती महिलाओं को छूट
हालांकि विधेयक में कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट भी दी गई है. नि:शक्त, बीमार या दूसरा कोई ठोस अनिवार्य कारण होने पर मतदान करने से छूट मिल सकती है. वहीं बीमारी की हालत में यदि कोई मतदाता मतदान में शामिल होता है तो उसे नौकरियों में विशेष छूट दिए जाने का भी प्रावधान है.मतदान को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष व्यवस्था
विधेयक में मतदान को प्रोत्साहित करने के लिए एक बूथ से दूसरे की दूरी 500 मीटर तक रखने, बीमार, निःशक्त, गर्भवती महिलाओं के लिए मतदान केंद्र पर विशेष व्यवस्था, साथ ही मतदान कार्य मे शामिल कर्मियों के लिए अलग से मतदान की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी बात उल्लेखित है. इसे भी पढ़ें – रांची:">https://lagatar.in/ranchi-honor-march-on-draupadi-murmu-becoming-president-pm-modi-praised/">रांची:द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने पर निकली सम्मान यात्रा, पीएम मोदी की प्रशंसा [wpse_comments_template]

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