Jayantey Vikash Ranchi: भीषण गर्मी के बीच राज्य में पेयजल संकट गहराता जा रहा है.आलम यह है कि सरकारी चापाकल हाफ रहे हैं या यूं कहें कि खराब हैं. ग्रामीण इलाकों में जलसंकट और गहरा गया है. ऐसे में लोग पानी के लिए हलकान नजर आ रहे हैं. मगर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग का डाटा कुछ और ही कहता है. विभाग की मानें तो राज्य में 51152 चापाकल ही खराब होने के कारण बंद पड़े हुए हैं. वहीं राज्य में कुल नलकूपों की संख्या 440767 है, जिनमें से 379510 चापाकल चालू हैं और 51152 चापाकल बंद पड़े हुए हैं. विभाग ने यह आंकड़ा एक अप्रैल 2022 तक का जारी किया है. इसे भी पढ़ें-
झारखंड">https://lagatar.in/arun-lal-to-celebrate-honeymoon-while-cheering-bengal-in-ranji-trophy-match-against-jharkhand/">झारखंड
के विरुद्ध रणजी ट्रॉफी मैच में बंगाल को चीयर करते हनीमून मनाएंगे अरुण लाल सिर्फ रांची में 4406 चापाकल बंद
रांची पूर्वी में 1887 चापाकल मरम्मत न होने के कारण बंद पड़े हुए हैं. यहां चापाकलों की संख्या 13666 है. जिनमें 11779 चापाकल चालू हालत में है. वही रांची पश्चिमी में कुल नलकूपों की संख्या 17274 है. जिनमें से 2219 चापाकल मरम्मतीकरण ना होने के कारण बंद पड़े हुए हैं. वही 15055 चापाकल चालू हैं. यह सभी नलकूप तीन कारणों के कारण खराब पड़े हुए हैं इनमें पहला आरआरपी के कारण, दूसरा कारण एसआर और तीसरा साधारण मरम्मतीकरण के कारण बंद पड़े हुए हैं. इसे भी पढ़ें-
NTA">https://lagatar.in/nta-extends-neet-ug-2022-registration-deadline-till-may-15/">NTA
ने NEET UG 2022 के रजिस्ट्रेशन की समयसीमा 15 मई तक बढ़ायी विभाग ने क्या कहा
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग का कहना है कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सभी प्रमुख दलों द्वारा युद्ध स्तर पर चापाकल का मरम्मत का जा रहा है. जिसमें प्रत्येक प्रमंडल में पांच से सात चापाकल मरम्मत के लिए वाहन चलाए जा रहे हैं. जिसमें एक या दो दल अपने निर्धारित क्षेत्रों में चापाकल बनाने का काम कर रहा है. [wpse_comments_template]
Leave a Comment