Ranchi News : 53वीं राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 2026 का आयोजन स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग, झारखंड और एनसीईआरटी के तत्वावधान में किया गया. प्रदर्शनी का थीम ‘S.T.E.M. for Viksit and Atmanirbhar Bharat रहा.
जिला स्कूल में आयोजित प्रदर्शनी में झारखंड के सभी 24 जिलों से पहुंचे विद्यार्थियों ने अपने वैज्ञानिक और इनोवेटिव मॉडल प्रस्तुत किए. कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए.मेहनत से तैयार किए गए विद्यार्थियों के मॉडल में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, आधुनिक कृषि, महिला स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा और स्मार्ट तकनीक जैसे विषयों पर समाधान प्रस्तुत किए गए.
चतरा के प्लस टू जनता उच्च विद्यालय के छात्र रोशन प्रसाद कुशवाहा ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से क्रैश इंपैक्ट डिफेंडर मॉडल तैयार किया है. इसमें 360 डिग्री रडार और जीपीएस का इस्तेमाल किया गया है.
यह सिस्टम मोड़ और घाटी जैसे स्थानों पर दूसरी गाड़ियों की मौजूदगी का पता लगाकर चालक को पहले ही अलर्ट कर सकता है. दुर्घटना की स्थिति में इंपैक्ट सेंसर 1 से 2 किलोमीटर के दायरे में मौजूद वाहनों और नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचना भेजने की व्यवस्था करता है.
छात्र के अनुसार, इस डिवाइस को बड़े वाहनों में करीब 10 से 12 हजार रुपये की लागत में लगाया जा सकता है.पलामू के डाल्टनगंज स्थित ग्रीन वेल इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा अंजलि और सृष्टि ने ‘सेल्फ सस्टेनेबल एग्रीकल्चर आईओटी फार्म’ मॉडल प्रस्तुत किया.
यह एक्वापोनिक्स तकनीक पर आधारित है. इसमें मछलियों से निकलने वाले अमोनिया युक्त अपशिष्ट को पौधों के लिए पोषक तत्वों में बदला जाता है. इससे रासायनिक उर्वरक की जरूरत कम होती है और पानी की भी बचत होती है. मॉडल में NodeMCU तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसके जरिए किसान मोबाइल फोन पर तापमान, नमी और पीएच लेवल जैसी जानकारी देख सकते हैं.
कोडरमा के झुमरी तिलैया की 12वीं कक्षा की छात्रा ने महिला स्वास्थ्य और मासिक धर्म स्वच्छता पर आधारित प्रोजेक्ट प्रदर्शित किया. इसमें स्कूलों में पैड वेंडिंग मशीन लगाने और इस्तेमाल किए गए पैड के सुरक्षित निपटान की जानकारी दी गई. प्रोजेक्ट में छात्राओं को मेंस्ट्रुअल कप और टैम्पोन जैसे विकल्पों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया है.
सिमडेगा के राजकीय उत्कर्ष उच्च विद्यालय के कक्षा 9 के छात्र संजय ने ‘ब्लूटूथ कंट्रोल्ड स्मार्ट कार’ तैयार की. मोबाइल फोन से नियंत्रित होने वाली इस कार में हेडलाइट और इंडिकेटर के साथ अल्ट्रासोनिक सेंसर लगाए गए हैं. सामने बाधा आने पर सेंसर के जरिए कार अपने आप रुक सकती है.
चतरा के 11वीं कक्षा के एक छात्र ने साइबर अपराध से बचाव के लिए ‘क्वांटम शील्ड’ नामक ऐप विकसित किया है. छात्र के अनुसार, ऐप फोन में मौजूद FUD यानी Fully Undetectable मैलवेयर को स्कैन करने में सक्षम है.
इसमें इन-हाउस एआई असिस्टेंट, रोजाना सुरक्षा संबंधी सुझाव और साइबर अपराध की रिपोर्ट करने का फीचर भी शामिल है. छात्र ने दावा किया कि बीआईटी मेसरा में आयोजित गूगल डे फेस्ट के दौरान उसने गूगल प्ले प्रोटेक्ट से जुड़ी कुछ कमियों की जानकारी डेवलपर्स को दी थी.
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों के मॉडल में तकनीक के साथ समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर भी जोर दिया गया. सड़क सुरक्षा, कृषि, महिला स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों से जुड़े इन प्रोजेक्ट्स ने विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकनीकी समझ को सामने रखा.