Search

रांची के 6 वर्षीय विवान शौर्या का कमाल, पेंटिंग में जीता अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार

Vijay Kumar Ranchi: रांची के 6 वर्षीय विवान शौर्या ने विश्व की प्रतिष्ठित चित्रकला प्रतियोगिता “पिकासो आर्ट कांटेस्ट” के अल्टीमेट एक्सप्रेशन 2022 में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. उसने स्टार आर्टिस्ट का अवार्ड प्राप्त किया है. ये प्रतियोगिता 2014 से प्रतेक वर्ष आयोजित की जा रही है. इस वर्ष प्रतियोगिता में 53 देशों के 1,400 से अधिक प्रतिभागिओं ने भाग लिया था. इटली, हांगकांग, कनाडा, तुर्की, ऑस्ट्रिया, वियतनाम, रोमानिया, बुल्गारिया, साइप्रस, संयुक्त अरब अमीरात, ईरान, श्रीलंका, बांग्लादेश समेत कई देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. 6 से 10 वर्ष वाले ग्रुप में 6 वर्षीय विवान ने इस प्रतियोगिता में अपने देश और राज्य का गौरव बढ़ाते हुए ये पुरस्कार प्राप्त किया है. विवान को 100 में से 95 अंक प्राप्त हुए, जिसके लिए इन्हें स्टार आर्टिस्ट सर्टिफिकेट ऑफ़ अचीवमेंट प्रदान किया गया.

इसे भी पढ़ें-जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-37-including-five-children-found-corona-infected-telco-area-is-becoming-a-hot-spot/">जमशेदपुर

: पांच बच्चों समेत 37 मिले कोरोना संक्रमित, टेल्को क्षेत्र बन रहा हॉट स्पॉट

विवान ने जापान की मछली की बनाई पेंटिंग

इस प्रतियोगिता में अमेरिका के चित्रकार जेरार्ड इग्नाटियस (दृश्य कला और संचार में परास्नातक) एवं बुल्गारिया के कला शिक्षाविद टेमेनुगा ह्रिस्तोवा निर्णायक की भूमिका में थे. प्रतियोगिता के सारे मापदंडों पर जिसमें नवाचार, रचनात्मकता, आकर्षक, पूर्णता, कलाकार की आयु, प्रस्तुति और कलात्मक क्षमता के आधार पर चुनाव किया जाता है. इस प्रतियोगिता में विवान ने जापान की कोई मछली की पेंटिंग बनाई थी जिसमें तीन मछलियों को एक साथ दिखाते हुए संयुक्त परिवार की महत्ता को दिखाना था. पुरस्कार जीतने पर विवान के विद्यालय के प्राचार्य समरजीत जाना एवं सभी शिक्षकों ने भी बधाई दी.

इसे भी पढ़ें-घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-40-toppers-of-10-schools-honored-in-mega-award-ceremony/">घाटशिला

: मेगा पुरस्कार समारोह में 10 स्कूल के 40 टॉपर हुए सम्मानित

इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में  नाम दर्ज 

इससे पूर्व जून 2022 में विवान ने सबसे कम उम्र में 129 पेंटिंग्स बनाने के लिए अपना नाम इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में दर्ज कराया था. विवान जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली की पहली कक्षा का छात्र है. उसके गुरु और पिता धनंजय कुमार खुद भी प्रख्यात चित्रकार हैं और कलाकृति स्कूल ऑफ़ आर्ट्स के संथापक हैं. उन्होंने बताया कि विवान ने 2 वर्ष की छोटी उम्र से ही पेंटिंग बनाना शुरू कर दिया था. छोटी उम्र से ही अपने पिता के मार्गदर्शन में चित्रकारी के गुर सीखा. लॉक डाउन में समय का सदुपयोग कर विवान ने पेंटिंग्स बनाना शुरू किया था. इस दौरान लगभग 150 से अधिक पेंटिंग्स बनाई. विवान ने 21 से अधिक अन्तराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य और जिलास्तर के पुरस्कार जीत चुका है. मां रजनी कुमारी ने बताया कि विवान पेंटिंग के अलावा एक्टिंग, रोल प्ले, कहानी वाचन, भाषण, कविता वाचन और पियानो में भी अपनी प्रतिभा दिखाई है.

[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp