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62 ऐसे लोग जिनकी मौत के बाद भी नहीं हुई शिनाख्त, ना आये परिजन सामने

 

Saurav Singh

Ranchi : साल 2021 में अब तक राज्य के अलग- अलग जिले से 62 अज्ञात शव बरामद हुए है. लेकिन इनकी शिनाख्त अब तक नहीं हो सकी है. शव बरामद तो हो गए लेकिन परिजन नहीं मिले. न ही इनको कोई पहचान मिली. राज्य के अलग- अलग थाना क्षेत्रों के जंगलों में,सडक़ किनारे, रेलवे ट्रैक और नहरों में पुरुष और महिला के कुल 62 शव बरामद हुए है. जिनमें आठ महिला के और 54 पुरुष के शव है. इनमें कुछ शव है जिनकी मौत रेल दुर्घटना में हुई है और कुछ लोगों की हत्या कर शव को अज्ञात जगह पर आरोपियों के द्वारा फेंक दिया गया है.

62 ऐसे लोग जिनके मौत के बाद भी नहीं हुई शिनाख्त

इस साल अब तक 62 ऐसे लोग के शव मिले है, जिनके मौत के बाद भी  शिनाख्त नहीं  हुई है. जिनमें रेल धनबाद में 11, रेल जमशेदपुर में 07, गिरिडीह में 04, सरायकेला में 02, बोकारो में 07, धनबाद में 03, पलामू में 04, रांची में 08, दुमका में 01, जामताड़ा में 01, गुमला में 04, चतरा में 03, चाईबासा में 02, जमशेदपुर में 03, लातेहार में 01 और कोडरमा में 01 अज्ञात शव बरामद हुए.

 अखबार में प्रकाशित होता है इश्तेहार

अज्ञात शव मिलने के 72 घंटे के भीतर एक इश्तेहार अखबार में प्रकाशित करवाया जाता है. इसका प्रकाशन सीआइजी (क्राइम इंवेस्टिगेशन गजट) के तहत कराया जाता है. 72 घंटे के इंतजार के बाद शव को मुक्त करते हुए पुलिस अपने स्तर पर अंतिम संस्कार कराने के लिए स्वतंत्र हो जाती है. या किसी संस्था को भी यह काम दिया जा सकता है. अमूमन अज्ञात शव के संबंध में कपड़े, रंग, पहनावा, हुलिया का प्रकाशन किया जाता है. लेकिन प्राय: इसकी पहचान नहीं हो पाती है.

 हत्या या यूडी में दर्ज होते हैं मामले

अज्ञात शव मिलने पर अक्सर अस्वाभाविक मौत (यूडी) के मामले दर्ज होते हैं. हालांकि पुलिस को लगता है कि सिर कूचा है, चेहरे पर जख्म हैं तो हत्या के मामले भी दर्ज किए जाते हैं. कोई सुराग नहीं मिलने पर सत्य सूत्रहीन कर कोर्ट को रिपोर्ट भेज दिया जाता है. कई बार ऐसा भी होता कि हत्या कर शव को दूसरी जगह फेंक दिया जाता है. मृतक आसपास के इलाके के नहीं होते, तो पहचान भी नहीं हो पाती है.

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