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धनबाद शहर में करोड़ों की लागत से बने 67 मॉड्यूलर टॉयलेट बेकार, 35 तो खुले ही नहीं

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Mithilesh Kumar Dhanbad : धनबाद (Dhanbad)">https://lagatar.in/dhanbad-now-the-dream-of-another-dps-in-the-city-will-be-realized-only-after-the-courts-decision/">(Dhanbad)

शहरी क्षेत्र में आम लोगों की सुविधा के लिए बने 67 मॉड्यूलर टॉयलेट बेकार हो गए हैं. मॉड्यूलर टॉयलेट के नाम पर 1 करोड़ 10 लाख रुपए यूं ही बर्बाद हो गए. टॉयलेट बनने के बाद आम लोगों के लिए सिर्फ 32 टॉयलेट को ही खोला गया, बाकी 35 बनने के बाद से ही बंद पड़े हैं. उनमें आज भी ताला लटका है. निर्माण के समय टॉयलेट में पानी की टंकी, टोटी और बेसिन की सुविधा भी थी, लेकिन टंकी में पानी का कनेक्शन तक नहीं हुआ. तीन साल पहले तक निगम के टैंकर से टंकी में पानी भरा जाता था, अब उसे भी बंद कर दिया गया है. स्थिति यह है कि 20 टॉयलेट के पैन, बेसिन, पानी की टंकी, पाइप व लाइट की चोरी हो चुकी है. टॉयलेट की यह कहानी सिर्फ धनबाद ही नहीं बल्कि निगम के झरिया, छाताटांड़, कतरास और सिंदरी अंचल में भी है.

पहले चरण में 30 मॉड्यूलर टॉयलेट बनाए गए थे

धनबाद नगर निगम ने शहर को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए वर्ष 2017-18 में मॉड्यूलर टॉयलेट का निर्माण शुरू कराया था. पहले चरण में कुल 30 मॉड्यूलर टॉयलेट बने थे. इनमें 20 फोर सीटर और 10 टू सीटर थे. टू सीटर टॉयलेट की लागत जहां प्रति यूनिट 2 लाख 50 हजार रुपए थी, वहीं 4 सीटर की लागत 4 लाख रुपए थी. पहले चरण में बीएसएस कॉलेज, पार्क मार्केट, होटल मुस्कान, धैया रानी बांध, भेलाटांड़, झरिया स्थित निगम कार्यालय, टांडा बस्ती, धनसार मोड़, सिंदरी कुंवर सिंह चौक, भूली आरा मोड़, भौरा, छाताबाद, तेतुलमारी स्कूल, हीरापुर बिजली ऑफिस, बारामुड़ी, केंदुआ थाना मोड़, करकेंद पुल, गोधर मोड़ (सभी जगह 4 सीटर), जय हिंद मोड़ सिंदरी, झारखंड मोड़, भूली, गोल्फ ग्राउंड, शिमला बहाल, जोड़ापोखर थाना, तिवारी होटल, राहुल चौक, होरलाडीह (सभी जगह 2 सीटर) टॉयलेट का निर्माण हुआ था.

दूसरे चरण में 37 यूरिनल का हुआ था निर्माण

नगर निगम ने दूसरे चरण में कुल 37 यूरिनल का निर्माण कराया था. इस पर करीब 1 करोड़ रुपया खर्च हुए थे. शहर के बाजारों, बस पड़ाव और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर इसे बनाया गया है. साफ-सफाई के लिए एजेंस भी रखी गई. लेकिन पैसे का भुगतान नहीं होने से एजेंसी ने काम छोड़ दिया. उसके बाद निगम ने सुलभ इंटरनेशनल को टॉयलेट की देखरेख की जिम्मेवारी सौंपी. लेकिन कुछ दिन बाद ही इसने भी हाथ पीछे खींच लिए. अब इसे देखने वाला कोई नहीं है.

बस स्टैंड में लोग दीवारों की आड़ में लघुशंका करने को मजबूर

[caption id="attachment_412344" align="aligncenter" width="225"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/09/mohmmd-husain-225x300.jpg"

alt="" width="225" height="300" /> मोहम्मद हुसैन, राहगीर[/caption] राहगीर मोहम्मद हुसैन ने कहा कि केंद्र सरकार पिछले सात साल से यही सब करके जनता को मूर्ख बना रही है. बस स्टैंड में प्रवेश करते ही पेशाब की बदबू आने लगती है. लोग जहां-तहां दीवार या बसों की आड़ में लघुशंका कर चले जाते हैं. मैं भी अभी यही काम करके आ रहा हूं. मॉड्यूलर टॉयलट बनने के कुछ महीना बाद ही बेकार हो गया. अब तो वहां पेड़ उग आए हैं. सुलभ शौचालय में पैसा लगता है, इसलिए ज्यातर लोग इधर-उधर लघुशंका करते हैं. [caption id="attachment_412350" align="aligncenter" width="225"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/09/damoder-lohar-225x300.jpg"

alt="" width="225" height="300" /> दामोदर लोहार, राहगीर[/caption] राहगीर दामोदर लोहार ने बताया कि मॉड्यूलर टॉयलट क्या होता है, नहीं मालूम. वैसे सड़क किनारे जहां-  तहां पीले रंग का लोहे का टॉयलेट बना है, जो कोई काम का नहीं है. उममें हमेशा गंदगी रहती है. मैंने तो आज तक उपयोग ही नहीं किया. लघुशंका करने में दिक्कत होती है. पर क्या करें जगह देखकर काम चला लेते हैं. अब सरकार से नहीं न लड़ सकते हैं.

ईओ बोले- टॉयलेट शुरू कराने का हो रहा प्रयास 

धनबाद नगर निगम के कार्यपालक पदाधिकारी मो. अनीस ने कहा कि मॉड्यूलर टॉयलेट को फिर से इस्तेमाल में लाने के योग्य बनाने का प्रयास चल रहा है. जल्द ही इसका समाधान कर लिया जाएगा. इसके बाद इनका उपयोग आमलोग कर सकेंगे. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-huge-quantity-of-country-foreign-liquor-seized-from-3-hotels-in-balliapur/">धनबाद

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