- पूजा सिंघल के बाद सीएम के विधायक प्रतिनिधि और प्रेस सलाहकार तक पहुंच गई ईडी
से झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र
हेमंत सोरेन और उनके करीबियों पर लगे बड़े आरोप
1. हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री रहते हुए अनगड़ा मौजा के खाता नंबर 187, प्लॉट नंबर- 82 में अपने नाम से पत्थर खनन पट्टा की स्वीकृति ली है. भाजपा ने मामले की शिकायत राज्यपाल से लेकर चुनाव आयोग तक की है. इसे ऑफिस ऑफ प्रॉफिट का मामला बताते हुए हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द करने की मांग की है. 5 अगस्त को मामले की सुनवाई भारत निर्वाचन आयोग में होनी है. 2. सीएम के भाई बसंत सोरेन पर भी शेल कंपनी और ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के मामले में आरोप लगे हैं. भाजपा ने चुनाव आयोग से शिकायत की है कि बसंत सोरेन चंद्र स्टोन वर्क्स में पार्टनर और ग्रैंड माइनिंग कंपनी में साझीदार हैं. उनकी ये साझेदारी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा-9ए के तहत विधायकी से अयोग्यता के दायरे में आती है. मामले में चुनाव आयोग के समक्ष 4 अगस्त को सुनवाई होगी. 3. 25 अप्रैल को भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने आरोप लगाया कि सीएम हेमंत सोरेन ने अपने पद का इस्तेमाल कर रांची के चान्हो ब्लॉक में पत्नी के नाम 11 एकड़ औद्योगिक भूमि आवंटित की है, जो सोहराय लाइव प्राइवेट लिमिटेड के नाम से जमीन आवंटित की गई है. वह हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन के नाम से है. 4. मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू पर आरोप लगा कि उनकी संस्था शिव शक्ति इंटरप्राइजेज के नाम पर साहिबगंज के पकड़िया गांव में 11.70 एकड़ जमीन 2021 को लीज पर दी गई है. सरकारी कागजात के अनुसार, उस पर 90 लाख का निवेश किया गया है. अवैध माइनिंग के जरिये 100 करोड़ के मनी लाउंड्रिंग के मामले में भी पिंटू ईडी के रडार पर हैं. एक अगस्त को ईडी उनसे पूछताछ करेगी. इसे भी पढ़ें- पाकुड़">https://lagatar.in/pakur-10-teams-formed-to-investigate-illegal-crushers-investigated-30-crushers/">पाकुड़: अवैध क्रशर की जांच के लिए गठित 10 टीमों ने की 30 क्रशरों की जांच 5. हेमंत सोरेन की साली सरला मुर्मू पर भी आरोप लगे. रघुवर दास ने ही आरोप लगाया कि सरला मुर्मू रक्तपुर प्रा. लिमिटेड और विहंगम डेवलपर्स प्रा लि. की डायरेक्टर हैं. आशंका है कि इन दोनों कंपनियों के जरिये अवैध धन खपाया जा रहा है. 6. मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा पर दर्जनों गंभीर आरोप लगे हैं, इस बार उनका रसूख काम नहीं आया. टेंडर घोटाले में पंकज मिश्रा बुरी तरह ईडी की गिरफ्त में फंस गये हैं. ईडी ने मिश्रा और अन्य के खिलाफ मार्च में PMLA का मामला दर्ज करने के बाद छापेमारी शुरू की थी. छापेमारी के बाद ईडी ने मिश्रा और उनसे जुड़े एक व्यक्ति दाहू यादव के 37 बैंक खातों में जमा 11.88 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज कर दी थी. इसके अलावा, एजेंसी द्वारा 5.34 करोड़ रुपये की नकदी भी जब्त की गई और दावा किया गया कि यह पैसा झारखंड में अवैध खनन से जुड़ा था. 7. हेमंत सरकार में उद्योग और खान सचिव रही पूजा सिंघल को ईडी ने 2008 के मनरेगा घोटाला मामले में गिरफ्तार किया. पूजा के सीए के घर से 19.31 करोड़ रुपये बरामद हुए थे. इसके बाद मनी लाउंड्रिंग का मामला खुला और प्रेम प्रकाश और विशाल चौधरी जैसे कई लोग ईडी की गिरफ्त में आये. पूजा सिंघल अभी जेल में हैं. 3 अगस्त को पूजा की जमानत पर अगली सुनवाई होनी है. इसे भी पढ़ें- साहिबगंज">https://lagatar.in/sahibganj-mining-task-force-sealed-two-crushers-and-mines-doing-illegal-mining-in-taljhari/">साहिबगंज
: तालझारी में खनन टास्क फोर्स ने अवैध खनन कर रहे दो क्रशर और माइन्स को किया सील [wpse_comments_template]

Leave a Comment