Bokaro News: बोकारो के उपायुक्त आवास में टेंडर के निपटाने से पहले ही 80% काम पूरा हो चुका है. इसके बाद इस काम से जुड़े टेंडर को रद्द कर दिया गया है. इससे टेंडर का निपटारा हुए बिना काम करने वाले ठेकेदार और भवन निर्माण विभाग के संबंधित अधिकारियों की परेशानियां बढ़ गयी है.

उपायुक्त आवास में काम से जुड़ा टेंडर
भवन निर्माण प्रमंडल (बोकारो) ने उपायुक्त आवास में मरम्मत आदि के काम के लिए टेंडर प्रकाशित किया था. भवन निर्माण प्रमंडल द्वारा निकाले गये टेंडर (21/2026-27) में पेपर की बिक्री की अंतिम तिथि 30 अक्तूबर 2026 निर्धारित की गयी थी. टेंडर पेपर जमा करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गयी थी. टेंडर में बिड के मूल्यांकन की तिथि का उल्लेख नहीं है. लेकिन भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने टेंडर का फैसला होने से पहले ही उसे रद्द कर दिया.

उपायुक्त आवास से जुड़ा टेंडर रद्द करने का आदेश
भवन प्रमंडल द्वारा प्रकाशित टेंडर में उपायुक्त आवास में सर्वेंट क्वार्टर की मरम्मत और बाउंड्री वाल ऊंचा करने के काम का उल्लेख किया गया था. इसकी लागत 49.99 लाख आंकी गयी थी. टेंडर में दूसरे काम के रूप में उपायुक्त आवास में संतरी पोस्ट का निर्माण, पाथ वे और ड्रेन के निर्माण का उल्लेख किया गया था. इसकी लागत 45.08 लाख रुपये आंकी गयी थी. लेकिन टेंडर रद्द होने के बावजूद उपायुक्त आवास में संतरी पोस्ट बनकर तैयार है. और बाउंड्री वाल ऊंचा करने का काम भी करीब 80% हो चुका है.

टेंडर निपटारे से पहले किया गया बांड्री वॉल ऊंचा करने का काम
उपायुक्त के आवासीय परिसर का बाउंड्री वाल पहले से करीब 12 फुट ऊंची है. ऐसे में फिर से इसे और ऊंचा करने की जरूरत भी सवालों के घेरे में है. इसके अलावा टेंडर का निपटारा किये बिना ही उपायुक्त आवास में निर्माण से संबंधित काम होने पर कई तरह के सवाल उठाये जा रहे हैं. इस प्रकरण को टेंडर में कमीशनखोरी के नजरिये से देखा जा रहा है. बिना टेंडर हुए इस काम में संबंधित अधिकारी और ठेकेदार की परेशानियां बढ़ गयी है. क्योंकि इससे संबंधित शिकायत राज्य सरकार और राज्यपाल से की गयी है.

टेंडर निपटारे से पहले किया गया बांड्री वॉल ऊंचा करने का काम
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