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धनबाद में पांच माह के अंदर 82 युवक-युवतियों ने कर ली आत्महत्या

Rammurti Pathak Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) धनबाद जिले में आत्महत्या के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं. विगत पांच माह के आंकड़ों पर नजर डालें तो 82 लोगों ने जीवन से तंग आ कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. यह आंकड़ा शहीद निर्मल महतो अस्पताल के पोस्टमार्टम विभाग का है. फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने वालों में ज्यादा संख्या युवा व युवतियों की है. जानकारों ने बताया कि अधिकतर मामलों में महिलाओं ने पति से झगड़ कर अथवा गृह कलह से तंग आ कर, जबकि पुरुषों ने मानसिक तनाव में जिंदगी खत्म कर ली. घरेलू विवाद और प्रेम प्रसंग से जुड़े मामलों को लेकर भी जान देनेवालों की तादाद अच्छी खासी है. चालू वर्ष के जनवरी में 15, फरवरी में 17, मार्च में 24, अप्रैल में 19 व मई में अब तक 7 लोगों ने अपनी इच्छा से मौत को गले लगा लिया. शुभम संदेश अखबार की तहकीकात में पाया गया कि प्रेम प्रसंग, घरेलू विवाद, जिद व आर्थिक तंगी में युवक और युवतियों तथा छात्र छात्राओं ने जिंदगी को छोड़ मृत्यु का वरण किया.

 क्या कहते हैं मनोविज्ञान के विशेषज्ञ

मनोविज्ञान विभाग के सेवा निवृत्त प्रोफेसर आर एस यादव ने कहा कि 18 से 40 वर्ष तक के पुरुष, महिलाओं तथा युवा वर्ग में टॉरलेंस लेवल (सहन शक्ति) घटा है. उन्होंने कहा कि पुरुष और महिलाओं में हाई प्रोफाइल मेंटेन करने की होड़ लगी हुई है, जिसमें वे तनाव ग्रस्त हो जाते है. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग लाइफ स्टाइल को परिवर्तित करे, घर के महौल में बदलाव करे तो आत्महत्या छोड़ जिंदगी की राह को आसान बना सकते हैं. उनका कहना है कि युवा लड़का हो लड़की, भौतिक सुख चाहते हैं. वे मनुष्य जीवन का मोल नहीं समझ पाते और ऐसा निर्णय ले लेते हैं, जिससे मानसिक तनाव में चले जाते हैं. कई युवा मोबाइल को लेकर आत्महत्या कर रहे हैं, तो कई प्रेम प्रसंग में गलत कदम उठा लेते हैं. इस से समाज में गलत मैसेज जाता है. परिवार के सदस्य घर के महौल को बदलें व युवा भटकाव से बाहर निकलें. उन्होंने कहा कि आत्महत्या के मामलों को लेकर एक सर्वे भी होना चाहिए.

 किसने क्यों की खुदकुशी

30 जनवरी को चिरागोड़ा प्रोफेसर कॉलोनी के गली नंबर तीन में एक 18 वर्षीय छात्रा ने मोबाइल खरीदने की जिद घरवालों से की. घरवाले आर्थिक तंगी के कारण मना कर रहे थे.  गुस्से में छात्रा ने घर के अंदर फंदे से लटकर जान दे दी. (केस -1) 24 फरवरी को सरायढेला थाना क्षेत्र के लोहारकुल्ही निवासी सौरभ सिंह की 30 वर्षीया पत्नी ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. मामला घरेलू विवाद का बताया गया था. (केस 2) 26 फरवरी को दहेज की मांग से तंग होकर धैया लाहबनी रोड निवासी संजय राय की पुत्री ने आत्महत्या कर ली. मृतका के भाई श्रीकांत राय ने पुलिस को बयान दिया था कि उसकी बहन की शादी होनी थी और लड़का पक्ष से डिमांड पर डिमांड हो रहा था.  यह बात उसकी बहन नंदिनी बर्दाश्त नहीं कर सकी और खुदकुशी कर ली. (केस -3) 3 अप्रैल को सुदामडीह निवासी श्याम सुंदर की 24 वर्षीया पुत्री ने फांसी लगा ली. परिजनों के अनुसार युवती किसी काम को लेकर पैसे मांग रही थी. पैसा नहीं मिलने पर जिंदगी को ही खत्म कर बैठी. (केस-4) 27 अप्रैल को गोविंदपुर थाना क्षेत्र में युवक और युवती ने फांसी लगा ली. दोनों के बीच प्रेम था और घर वाले राजी नहीं थे. बताया जा रहा है कि युवक की दो मई को शादी होनेवाली थी. उसके घर में तैयारी चल रही थीं. कार्ड भी बांटे जा चुके थे. इसी बीच उसने अपनी नाबालिग प्रेमिका के साथ सुसाइड कर लिया. (केस -5) 6 मई को धैया निवासी 22 वर्षीय रोहित कुमार साड़ी का फंदा बनाकर पंखे से झूल गया. लोगों के बीच चर्चा के अनुसार वह काम की तलाश में काफी परेशान रहता था. [wpse_comments_template]  

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