Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

रेलवे ट्रैक पर मिले 86 ऐसे शव, जिनकी साल भर बाद भी नहीं हो पायी शिनाख्त

Advertisement
Advertisement
Ranchi : झारखंड के रेलवे ट्रैक पर अब तक मिले शवों में 86 ऐसे शव मिले है जिनकी साल भर बाद भी शिनाख्त नहीं हो पायी है. जिससे इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है, कि रेलवे ट्रैक पर मिलने वाले शव आत्महत्या और हत्या के हो सकते हैं. जिन शव का परिजन क्लेम नहीं करने पहुंचते है. झारखंड में दो रेल जिले है. धनबाद और जमशेदपुर. धनबाद रेल जिले में पिछले एक साल के दौरान 63 अज्ञात शव बरामद हुए है, जबकि रेल जमशेदपुर जिले में 23 अज्ञात शव मिले है. जिनकी अबतक पहचान नहीं हो पायी है. इसे भी पढ़ें - झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-assembly-ruckus-continues-for-fourth-day-opposition-raising-slogans-to-cancel-jpsc-exam/">झारखंड

विधानसभा : चौथे दिन भी हंगामा जारी, JPSC परीक्षा रद्द् करने का नारा लगा रहा विपक्ष

 अखबार में प्रकाशित होता है इश्तेहार

अज्ञात लाश मिलने के 72 घंटे के भीतर एक इश्तेहार अखबार में प्रकाशित करवाया जाता है. इसका प्रकाशन सीआइजी (क्राइम इंवेस्टिगेशन गजट) के तहत कराया जाता है. 72 घंटे के इंतजार के बाद शव को मुक्त करते हुए पुलिस अपने स्तर पर अंतिम संस्कार कराने के लिए स्वतंत्र हो जाती है. या किसी संस्था को भी यह काम दिया जा सकता है. अमूमन अज्ञात लाशों के संबंध में कपड़े, रंग, पहनावा, हुलिया का प्रकाशन किया जाता है. इसे भी पढ़ें -भाजपा">https://lagatar.in/bjp-parliamentary-party-meeting-100percent-attendance-in-winter-session-meghwal-said-suspended-mps-should-apologise/">भाजपा

संसदीय दल की बैठक : शीतकालीन सत्र में शत प्रतिशत उपस्थिति की हिदायत, मेघवाल ने कहा, निलंबित सांसदों को माफी मांगनी चाहिए  

अस्थियां भी नहीं मिल पाती

कई बार ऐसा भी होता है कि शव का अंतिम संस्कार कराये जाने के बाद परिजन पुलिस या संबंधित थानों तक पहुंचते हैं. पुलिस तस्वीरों से पहचान कराती है. लेकिन अस्थियां लेने लायक भी नहीं रहते. क्योंकि अज्ञात शवों का दाह संस्कार अक्सर सामूहिक तौर पर किया जाता है. इसे भी पढ़ें -मिस">https://lagatar.in/miss-universe-2021-urvashi-rautela-gets-a-hefty-fee-for-becoming-a-judge-career-soars-high/">मिस

यूनिवर्स 2021 : जज बनने पर उर्वशी रौतेला को मिली मोटी फीस, करियर ऊंची उड़ान पर

 हत्या या यूडी में दर्ज होते हैं मामले

अज्ञात शव मिलने पर अक्सर अस्वाभाविक मौत (यूडी) के मामले दर्ज होते हैं. हालांकि पुलिस को लगता है कि सिर कूचा है, चेहरे पर जख्म हैं तो हत्या के मामले भी दर्ज किए जाते हैं. कोई सुराग नहीं मिलने पर सत्य सूत्रहीन कर कोर्ट को रिपोर्ट भेज दिया जाता है. कई बार ऐसा भी होता है कि हत्या कर शव को दूसरी जगह फेंक दिया जाता है. मृतक आसपास के इलाके के नहीं होते, तो पहचान भी नहीं होती. इसे भी पढ़ें -पटना">https://lagatar.in/raids-at-many-locations-including-patna-dto-mrityunjay-singh-and-co-lawyer-prasad-singhs-ranchi/">पटना

डीटीओ मृत्युंजय सिंह और CO वकील प्रसाद सिंह के रांची समेत कई ठिकानों पर छापेमारी [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही