Ranchi : दरभंगा हाउस में सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड और वैप्कोस लिमिटेड के बीच गुरुवार को समझौता हुआ है. यह समझौता रांची में ईको पार्क के विकास के लिए किया गया. इस समझौते में सीसीएल के सीएमडी पीएम प्रसाद, निदेशक तकनीकी (संचालन) राम बाबू प्रसाद, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) एसके गोमस्तार और वैप्कोपस लिमिटेड के प्रतिनिधि उपस्थित थे. समझौता के अनुसार वैप्कोस लिमिटेड द्वारा प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट (पीएमसी) के रूप में पार्कों का विकास कार्य किया जाएगा. इस कार्य को 6 साल में पूरा कर लिया जाएगा, जिसमें इको पार्क के विकास के लिए 1 वर्ष और आगे के पांच वर्ष रखरखाव और आखिरी के एक वर्ष को सेल्फ सस्टेनेबल अवधि शामिल है. सभी 9 इको पार्कों के विकास पर कुल 63.62 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे.
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पर्यावरण संरक्षण के लिए सीसीएल कुल 126.47 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करता है: सीएमडी सीसीएल
सीएमडी पीएम प्रसाद ने कहा कि इस समझौते से सीसीएल के कमांड क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों और स्टेप होल्डर्स को लाभ मिलेगा. सीसीएल द्वारा वृक्षारोपण कार्यों के अलावे पर्यावरण संरक्षण के लिए सीसीएल अपने कमांड क्षेत्र में कुल 126.47 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करता है. 9 इको पार्कों को अधिक विकसित किया जाएगा. ये सभी 9 इको पार्क झारखंड के 3 जिलों में सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों जैसे बीएंडके, ढोरी, कथारा, बरकाकाना, बरका-सयाल, हजारीबाग, उत्तरी कर्णपुरा, पिपरवार और आम्रपाली क्षेत्र में विकसित किए जाएंगे.क्या होगा इको पार्क में
इको-पार्क के विकास में मधुमक्खी पालन, मछली पालन के साथ ही खाद्य बनाने वाली मशीन लगायी जायेंगी. उपयुक्त उपायों को अपनाकर एक स्थायी पारिस्थितिकी तंत्र की परिकल्पना की जाएगी, ताकि रखरखाव व्यय को पूरा करने के लिए राजस्व सृजन का लक्ष्य रखा जा सके. इसे भी पढ़ें - सीएनजी">https://lagatar.in/distribution-of-cng-gas-at-lesser-sites-is-causing-trouble-sanjeev-vijayvargiya/">सीएनजीगैस का कम स्थलों पर वितरण से हो रही परेशानी : संजीव विजयवर्गीय [wpse_comments_template]
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