- छत्तीसगढ़ के रायपुर का रहने वाला है अमित तिवारी.
- अमित तिवारी के खिलाफ दिसंबर 2024 में सीआईडी ने दर्ज की थी प्राथमिकी.
Ranchi / Chatra : टंडवा में कोयले की ट्रांसपोर्टिंग करने वाली कंपनी तुलि माइनिंग पर ट्रांसपोर्टरों का करीब 9 करोड़ रुपया नहीं देने का आरोप है. इस मामले में मोनिका इंटरप्राइजेज नामक कंपनी ने दिसंबर 2024 में एक प्राथमिकी अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) में दर्ज करायी थी. प्राथमिकी के 9 माह बीतने के बाद भी इस मामले में सीआईडी की तरफ से ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे ट्रांसपोर्टरों के बकाये का भुगतान हो सके या आरोपी को सजा मिल सके.
जानकारी के मुताबिक मोनिका इंटरप्राइजेज की तरफ से सुरेश यादव ने तीन दिसंबर 2024 को सीआइडी के एडीजी को एक आवेदन दिया था. जिसके आधार पर सीआईडी ने प्राथमिकी दर्ज की थी. सुरेश यादव टंडवा के रहने वाले हैं. प्राथमिकी के मुताबिक तुलि माईनिंग कंपनी ललितपुर पावर जेनरेशन, प्रयागराज पावर जेनरेशन कंपनी, हल्दिया एनर्जी लिमिटेड, जेपी नगरी एंड जेपी थर्मल पावर समेत अन्य कंपनियों के लिए कोयला ट्रांसपोर्टिंग का काम करती थी.
सीआईडी में दर्ज प्राथमिकी की फोटो कॉपी.
तुलि माइनिंग ने ट्रांसपोर्टिंग के काम के लिए मोनिका इंटरप्राइजेज से करार किया. 31 मार्च 2022 से 31 मार्च 2023 तक मोनिका माइनिंग ने तुलि माइनिंग के लिए टंडवा के आम्रपाली कोल परियोजन से पतरातू, बालूमाथ, कुजू, बुकरु, कुसमाही आदि रेलवे साइडिंग पर कोयला की ट्रांसपोर्टिंग की. इस दौरान 16,65,74,228 रुपये ट्रांसपोर्टिंग का बिल बना. तुलि माइनिंग के अमित तिवारी ने इसके बदले 7,71,68,000 रुपये का भुगतान दिया.
प्राथमिकी के मुताबिक आरोप है कि शेष 8,94,06,228 रुपये का भुगतान तुलि माइनिंग ने मोनिका इंटरप्राइजेज को नहीं किया. इस कारण सैंकड़ों ट्रक मालिकों को भुगतान नहीं हो सका है. करीब 20 माह से अधिक समय बीतने के बाद मोनिका इंटरप्राइजेज के मालिक सुरेश यादव ने मामले को लेकर सीआईडी ने प्राथमिकी दर्ज कराया. लेकिन अब तक इस मामले में कोई उल्लेखनीय कार्रवाई नहीं हुई है.
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