खबरों के लिए यहां क्लिक करें द इंडियन एक्सप्रेस के RTI आवेदन के जवाब में एसबीआई ने कहा कि 25 राजनीतिक दलों ने इस योजना के तहत इन बांडों को भुनाने के लिए बैंक खाते खोले, जो भारतीय नागरिकों और कॉरपोरेट्स द्वारा गुमनाम राजनीतिक फंडिंग को सक्षम बनाता है. RTI में जो सामने आया, उसके अनुसार पांच शहरों, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, दिल्ली और चेन्नई में अब तक बेचे गये सभी इलेक्टोरल बॉन्ड का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा है.
इलेक्टोरल बॉन्ड का 90 फीसदी हिस्सा पांच बड़े महानगरों से आया, अब तक 12,955 करोड़ भुनाये गये, RTI से खुलासा
New Delhi : राजनीतिक दलों को मिलने वाले चुनावी चंदे(इलेक्टोरल बॉन्ड) को लेकर बड़ी खबर आयी है. 2018 में योजना की शुरुआत के बाद से 12,979.10 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड बेचे गये हैं. 4 मई को SBI ने यह जानकारी दी है. उसके अनुसार अप्रैल में हुई बिक्री की हालिया 26वीं किश्त पर नजर डालें, तो राजनीतिक दलों द्वारा चुनावी बांड में आज तक 12,955.26 करोड़ रुपये भुनाये गये हैं. नेशनल">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">नेशनल
खबरों के लिए यहां क्लिक करें द इंडियन एक्सप्रेस के RTI आवेदन के जवाब में एसबीआई ने कहा कि 25 राजनीतिक दलों ने इस योजना के तहत इन बांडों को भुनाने के लिए बैंक खाते खोले, जो भारतीय नागरिकों और कॉरपोरेट्स द्वारा गुमनाम राजनीतिक फंडिंग को सक्षम बनाता है. RTI में जो सामने आया, उसके अनुसार पांच शहरों, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, दिल्ली और चेन्नई में अब तक बेचे गये सभी इलेक्टोरल बॉन्ड का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा है.
खबरों के लिए यहां क्लिक करें द इंडियन एक्सप्रेस के RTI आवेदन के जवाब में एसबीआई ने कहा कि 25 राजनीतिक दलों ने इस योजना के तहत इन बांडों को भुनाने के लिए बैंक खाते खोले, जो भारतीय नागरिकों और कॉरपोरेट्स द्वारा गुमनाम राजनीतिक फंडिंग को सक्षम बनाता है. RTI में जो सामने आया, उसके अनुसार पांच शहरों, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, दिल्ली और चेन्नई में अब तक बेचे गये सभी इलेक्टोरल बॉन्ड का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा है.

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