भर्ती घोटाला : CBI की गिरफ्तारी से तो बच गये थे, पर ED ने तृणमूल कांग्रेस विधायक माणिक को अरेस्ट कर लिया
पीड़ित कहां करें फरियाद
सम्मेलन में पूर्व सांसद सालखन मुर्मू और खादी बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष जयनंदू समेत कई वक्ताओं ने भ्रष्टाचार पर विचार रखे. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार ने झारखंड की शासन व्यवस्था को बुरी तरह जकड़ रखा है. भ्रष्टाचार के पीड़ित व्यक्ति उलझन में हैं कि कहां फरियाद करें. क्योंकि हर जगह भ्रष्टाचारी ही बैठे हुए हैं. ईडी जैसी संस्था जांच के बाद कोर्ट में दोषियों को चिन्हित कर आरोप पत्र जमा कर देती है. आरोपियों पर कार्रवाई भी होती है, लेकिन सत्ता शीर्ष के कान पर जूं तक नहीं रेंगती. मैनहर्ट, टॉफी-टीर्शट जैसे घोटालों की जांच में दोष सिद्ध होने के बाद भी सरकार दोषियों पर कार्रवाई नहीं कर रही है. जब शासक ही भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगा पाये तो लोगों को इससे लड़ने के लिए आगे आना होगा.100 रुपये से बड़े नोट बंद किये जाएं
भ्रष्टाचार विरोधी सम्मेलन में कहा गया कि ब्लैक मनी पर नियंत्रण के बिना भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लग सकता. इसके लिए कुछ कड़े कदम उठाने होंगे. भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए 100 रुपये से बड़े नोट बंद किये जाएं. संपत्ति का आधार से लिंक किया जाये. बेनामी संपत्ति जब्त की जाये. 5000 से उपर के कैश का लेनदेन बंद हो. 50 हजार से उपर के लेनदेन पर पैन अनिवार्य हो. नार्को पॉलीग्राफ ब्रेनमैपिंग कानून बनाया जाये. दोष सिद्ध भ्रष्टाचारियों को आजीवन कारावास तक की सजा का कानून बने. भ्रष्टाचार के मुकदमों के त्वरित निष्पादन के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बने. भ्रष्टाचार के मुकदमों में कोर्ट एक तय समय सीमा के अंदर फैसला दे और सिटीजन चार्टर सभी सरकारी दफ्तरों के सामने लगाया जाएं. इसे भी पढ़ें- झारखंड">https://lagatar.in/state-coordinators-will-be-reinstated-soon-in-jharkhand-rural-development-department-sought-application/">झारखंडमें जल्द बहाल होंगे राज्य समन्वयक, ग्रामीण विकास विभाग ने मांगा आवेदन, एक साल से खाली है पद
सम्मेलन में इन मुद्दों पर बनी एक राय
- झारखंड में व्यवस्था परिवर्तन के लिए सांगठनिक प्रयास समय की मांग.
- व्यवस्था में भ्रष्टाचार को खत्म करना राज्य के विकास के लिए बहुत जरूरी.
- भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए जन दबाव, जन शिक्षण और जन आंदोलन जरूरी.
- व्यवस्था की कमियों के खिलाफ आवाज बुलंद करना व्यवस्था परिवर्तन की पहली शर्त.
- सत्ता परिवर्तन के बाद भी व्यवस्था परिवर्तन का प्रयास निरंतर जारी रहे.
- ऐसी व्यवस्था बने कि शासन चाह कर भी भ्रष्टाचार करने का साहस न कर सके.
- सरकारी विभागों में ई-फाइल की कार्य संस्कृति लागू की जाये.
- लोक निर्माण विभागों में शत-प्रतिशत ई-टेंडरिंग लागू की जाये.

Leave a Comment