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विगत 3 वर्षों में झारखंड के 91 श्रमिकों की विदेशों में हुई मौत

 

झारखंड के 8700 से अधिक लोग विदेशों में कर रहे हैं काम

Ranchi: भारत के 1 करोड़ 30 लाख लोग विदेशों में काम कर रहे हैं, जिसमें श्रमिक, पेशेवर और विभिन्न प्रकार के विशेषज्ञ शामिल हैं. मौजूदा समय में विदेशों में झारखंड के 8700 से अधिक लोग काम कर रहे हैं. उक्त आशय की जानकारी केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री बी मुरलीधरन ने सोमवार को लोकसभा में दी. लोकसभा में सांसद संजय सेठ ने यह सवाल पूछा था कि विदेशों में कार्यरत भारतीय लोगों की संख्या कितनी है. इनकी राज्यवार संख्या कितनी है और किसी घटना दुर्घटना की स्थिति में सरकार के द्वारा ही नहीं क्या मदद की जाती है. इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि किसी प्रवासी कामगार की दुर्घटना में मृत्यु होने पर विदेश मंत्रालय उनके परिजनों से संपर्क कर उन्हें तत्काल सहायता प्रदान करता है. न्यायालय, बीमा एजेंसी, संबंधित देशों के प्रशासन सहित कई क्षेत्रों में समन्वय का कार्य विदेश मंत्रालय के द्वारा किया जाता है. केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि प्रवासी भारतीयों के लिए भारत सरकार एक बीमा योजना चलाती है, जो अनिवार्य बीमा योजना है. इसके तहत 3 वर्षों के लिए सिर्फ 375 रुपया की राशि ली जाती है और 10 लाख रुपए तक का बीमा का लाभ दिया जाता है.

विदेश में काम कर रहे झारखंड के लोग

वर्ष 2020 में 831 2021 में 1481 2022 में 4322 जून 2023 तक 2070

तीन सालों में सबसे अधिक श्रमिकों की मौत सऊदी में

अपने जवाब केंद्रीय मंत्री ने बताया कि झारखंड के कामगारों की विगत 3 वर्षों में विदेशों में मौतें भी हुई है, जिनमें सबसे अधिक मौत सऊदी अरब में हुई है. सऊदी अरब में झारखंड के 38 श्रमिकों की मौत हुई, जबकि ओमान में 21 श्रमिक, मलेशिया में 7 श्रमिक, संयुक्त अरब अमीरात में 9 श्रमिक, कुवैत में 10 श्रमिक और कतर में 6 श्रमिक की मौत हुई. [wpse_comments_template]  
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