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चौपारण में 9137 किसान पंजीकृत, मगर फसल सुखाड़ योजना का लाभ क‍िसी को नहीं

Suraj Kumar Chouparan : फसल सुखाड़ योजना के तहत चौपारण प्रखंड के लगभग 9137 किसानों ने खुद को पंजीकृत कराया है. हालांकि इस योजना का लाभ प्रखंड में किसी भी किसान को नहीं मिल पाया है. बछई के किसान वीरेंद्र रजक ने बताया कि इस बार फसल अच्छी नहीं होने के कारण उन लोगों को घर-परिवार की गाड़ी खींचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. सरकार की इस योजना का लाभ लेने के लिए केवाईसी भी करवा चुके हैं. लेकिन अब तक उनलोगों के खाते में किसी भी तरह की कोई राशि नहीं आयी है. इस कारण वे लोग खुद को छला हुआ महसूस कर रहे हैं. [caption id="attachment_520555" align="alignleft" width="120"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/virendra_632-e1673090260297-254x300.jpg"

alt="क‍िसान वीरेंद्र रजक" width="120" height="142" /> क‍िसान वीरेंद्र रजक[/caption]

सभी आवेदन सत्यापित कर संबंधित विभाग को भेजा जा चुका है : बीडीओ

इस संबंध में जब बीडीओ प्रेमचंद कुमार सिन्हा से पूछा गया तो उन्होंने बताया क‍ि इस योजना में जितने भी आवेदन प्राप्त हुए हैं, उसे सत्यापन कर प्रखंड और जिले से संबंधित विभाग को भेज दिया गया है.

जानिए फसल सुखाड़ योजना के बारे में

झारखंड सरकार ने फसल राहत योजना को बंद कर फसल सुखाड़ योजना शुरू की है. इस योजना के तहत अगर किसानों की फसल किसी प्राकृतिक आपदा से नष्ट हो जाती है, तो उन्हें सरकार की ओर से मुआवजा देना तय हुआ है. अगर किसानों की फसल खराब होती है, तो इस योजना के तहत उन्हें प्रति एकड़ तीन से चार हजार रुपए की सहायता राशि दी जाती है. इस प्रकार इस राशि से किसानों को अपनी अगली फसल उगाने व अपने घर को चलाने में मदद मिलती है. [caption id="attachment_520552" align="alignleft" width="146"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/uday-pd-1_397-225x300.jpg"

alt="उदय प्रसाद" width="146" height="195" /> उदय प्रसाद[/caption]

नहीं मिला फसल का मुआवजा : उदय प्रसाद

हजारीबाग में चाय बेचकर जीवन बसर करनेवाले चतरा के सिमरिया स्थित सरनदाग पंचायत के पिपराडीह निवासी उदय प्रसाद कहते हैं कि उन्हें भी फसल सुखाड़ योजना के तहत मुआवजा नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि आवेदन में जो भी कागज मांगे गए, सभी जमा किया. गांव के 13 किसानों को 35-35 सौ रुपए की राशि मिली, लेकिन उन्हें पैसे नहीं मिले. उन्होंने सरकार से कहा है कि जमीन की रसीद देने के बावजूद उनके आवेदन में भूमिहीन लिख दिया गया. यह जांच का विषय है. जिस स्तर से गड़बड़ी की गई है, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें फसल का मुआवजा मिलना चाहिए. जब सभी किसानों को फसल का मुआवजा दिया गया, तो उन्हें क्यों नहीं. इसे भी पढ़ें : फ्लाइट में मह‍िला पर पेशाब मामला : आरोपी शंकर म‍िश्रा बेंगलुरु से ग‍िरफ्तार    [wpse_comments_template]

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