Ranchi: पुरानी पुलिस लाइन स्थित राजधानी का सरकारी प्राइमरी स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे है, जबकि इस स्कूल में कुल 40 बच्चे पढ़ते हैं. एक ही शिक्षक पूरे स्कूल को संभाल के रखा है. कार्यालय का काम हो या फिर बच्चों को पढ़ना हो. कभी-कभी ऐसा भी होता है कि रसोइया छुट्टी पर रहती है तो खाना भी शिक्षक को बनाना पड़ता है. इसे भी पढ़ें –
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इस विद्यालय में लगभग दो साल छह महीना से एक ही शिक्षक है. रसोइया भी एक है. बता दें कि विद्यालय में दो शिक्षिका थीं जिनमें एक रिटायर्ड हो चुकी है. इसके बाद कोई नई नियुक्ति नहीं हुई है. केवल एक शिक्षक होने से विद्यालय का सारा काम शिक्षक को ही करना पढ़ता है. ऐसे में बच्चों को गुणवतापूर्वक शिक्षा कैसे मिलेगी. इसे भी पढ़ें –
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स्कूल की इमारत भी जर्जर
स्कूल में प्रवेश करते ही देखा जा सकता है कि स्कूल की इमारत जर्जर है. छत को सरिया छोड़ दिया है. भवन को देखकर ऐसा लगता है कि कभी कोई हादसा हो सकता है. स्कूल से लगभग 1 से 2 किमी पर जिला शिक्षा अधीक्षक का कार्यालय है. बताया गया कि जिला शिक्षा अधीक्षक जांच पर तो आते है, लेकिन स्कूल की समस्या का समाधान नहीं हो पाता है. विद्यालय के क्लस रूम को छोड़ दें तो फर्श भी टूटी-फूटी है. जमीन को पक्का नहीं किया गया है. [wpse_comments_template]
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