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झारखंड की नाबालिग लड़की को ग्रेटर नोएडा से छुड़ाया गया, 6 साल से थी मानव तस्करी का शिकार

Ranchi : झारखंड से 11 साल की उम्र में तस्करी कर ग्रेटर नोएडा ले जायी गयी 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को मुक्त कराया गया है. अभी उसे “वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर” में रखा गया है. उसे मुक्त कराने की कार्रवाई बंधुआ मजदूरी उन्मूलन के लिए काम करने वाली संस्था नेशनल कैंपेन कमेटी फॉर इराडिकेशन ऑफ बॉन्डेड लेबर (NCCEBL) की सूचना पर गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने की.
 
AI तकनीक के माध्यम से तैयार सांकेतिक तस्वीर.

 

 

 

 

 

Ranchi : झारखंड से 11 साल की उम्र में तस्करी कर ग्रेटर नोएडा ले जायी गयी 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को मुक्त कराया गया है. अभी उसे “वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर” में रखा गया है. उसे मुक्त कराने की कार्रवाई बंधुआ मजदूरी उन्मूलन के लिए काम करने वाली संस्था नेशनल कैंपेन कमेटी फॉर इराडिकेशन ऑफ बॉन्डेड लेबर (NCCEBL) की सूचना पर गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने की.

 

जानकारी के अनुसार लड़की की मां की मौत के बाद वर्ष 2020 में एक परिचित व्यक्ति बहला-फुसलाकर पहले गुजरात और फिर ग्रेटर नोएडा ले गया था. वहां उसे एक दंपती के घर में घरेलू काम और बच्चे की देखभाल के लिए लगा दिया गया. बताया जा रहा है कि वह पिछले करीब छह वर्षों से घर के सभी काम-खाना बनाना से लेकर बच्चे की देखभाल तक कर रही थी.

 

NCCEBL के संयोजक निर्मल गोराना के मुताबिक दो दिन पहले लड़की ने किसी तरह अपनी बड़ी बहन को फोन कर पूरी आपबीती बताई. इसके बाद संस्था ने जांच कर उसका ठिकाना पता लगाया और प्रशासन को सूचना दी.

 

जिसके बाद एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता के निर्देश पर तहसीलदार ज्योत्सना सिंह के नेतृत्व में टीम ने ग्रेटर नोएडा के गामा-1 इलाके में छापेमारी कर लड़की को बरामद किया. तहसीलदार ने बताया कि लड़की के पिता और बहन के आने तक उसे क्राइसिस सेंटर में रखा गया है.

 

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि लड़की को शहर में आने-जाने की आंशिक आजादी थी, लेकिन उसे अपने घर झारखंड लौटने की अनुमति नहीं दी जाती थी. हालांकि दंपती द्वारा उसके खाते में करीब 3.5 लाख रुपये वेतन के रूप में जमा कराने की बात भी सामने आई है.

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