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एक पीपल का पेड़ चौबीस घंटे ऑक्सीजन देता है : डॉ बिंदु भूषण दुबे

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Hazaribagh: मार्खम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में सोमवार को सोशल इकोलॉजी विषय पर एक दिवसीय सेमिनार हुआ. इसमें मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय शांति प्रतिष्ठान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मशहूर विश्व पर्यावरणविद डॉ बिंदु भूषण दुबे शामिल हुए. कॉलेज की प्राचार्या डॉ संध्या प्रेम ने मुख्य अतिथि को पीपल का पौधा देकर व शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया. डॉ बिंदु भूषण दुबे ने कहा कि पर्यावरण में व्याप्त प्रदूषण चरम पर है. यही वजह है कि 2020-21 कोविड काल में ऑक्सीजन की कमी से लाखों लोग मौत के मुंह में समा गए थे. उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपने घर में एक पीपल का पेड़ लगाकर उसे संरक्षण देकर बड़ा करने की शपथ लेनी चाहिए. कहा कि एक पीपल का पेड़ चौबीस घंटे ऑक्सीजन देता है. यह पर्यावरण को स्वच्छ रखता है. डॉ दुबे ने कहा कि पीपल के पेड़ की वजह से काफी मात्रा में हमें ऑक्सीजन प्राप्त होता है. यह कहा जा सकता है कि एक पीपल के पेड़ से दस लोगों को प्राण वायु मिलता है. डॉ बिंदु भूषण ने कहा कि कोरोना काल मे बड़े-बड़े अस्पतालों में एक व्यक्ति को ऑक्सीजन सप्लाई करने के एवज में प्रतिदिन पांच हजार रुपए वसूले गए. डॉ बिंदु भूषण दुबे ने कहा कि अगर रुपए देकर ऑक्सीजन खरीदकर लिया जाता, तो एक आंकड़े के मुताबिक एक व्यक्ति जीवनपर्यंत 14 करोड़ 40 लाख रुपए का ऑक्सीजन लेने के लिए विवश होता. लेकि प्रकृति हमें मुफ्त में ऑक्सीजन प्रदान करती है. उन्होंने कहा कि उसके बदले में मनुष्य प्रकृति को कुछ भी नहीं देता है. इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को एक पीपल का पेड़ लगाना चाहिए और उसे संरक्षण देना चाहिए. इसे भी पढ़ें– दुमका">https://lagatar.in/case-of-burning-of-girl-student-in-dumka-demonstration-of-12-organizations-in-ranchi/">दुमका

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उन्होंने कहा कि इंसान अपने जन्मदिन व शादी की सालगिरह जैसे अवसर पर हजारों रुपए केक, मिठाई और तरह-तरह के पकवान में खर्च करता है. उसके बदले में एक पीपल का पेड़ लगाए, तो प्रकृति के लिए एक सार्थक कदम होगा. इससे लोगों को ज्यादा से ज्यादा शुद्ध ऑक्सीजन मिलेगा. सेमिनार का मंच संचालन डॉ श्याम किशोर सिंह ने किया. मौके पर प्रोफेसर डॉ रंजीत सिंह, डॉ अखिलेश्वर दयाल सिंह, डॉ बीडी त्रिवेदी, डॉ भोलानाथ सिंह, प्रो रूपम कुमारी, डॉ रंजीत कुमार, प्रो अंजना तिर्की, डॉ गोविंद झा, अजय सिन्हा और राजकरण पांडेय सहित सैकड़ों छात्र- छात्राएं, शिक्षक, शिक्षिकाएं और कर्मचारी मौजूद थे. इसे भी पढ़ें– दुमका">https://lagatar.in/dumka-one-lakh-assistance-from-the-district-administration-for-the-treatment-of-a-girl-student-who-was-burnt-by-sprinkling-petrol/">दुमका

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