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पटना HC में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार

Patna :  पटना हाईकोर्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाला मास्टरमाइंड को आखिरकार पुलिस ने धर दबोचा. पटना पुलिस ने गोपालपुर थाना क्षेत्र के चक बैरिया इलाके से आरोपी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान मसौढ़ी के सगुनी गांव निवासी सुभाष चंद्रा उर्फ सुभाष चंद्रवंशी उर्फ सुभाष चंद्र बोस उर्फ `गार्ड साहब` के रूप में हुई है. सुभाष चंद्रा  संगठित गिरोह का सरगना है और फर्जी दस्तावेजों के जरिये लोगों को झांसे में लेकर ठगी करता है. उसने कम से कम 10 अभ्यर्थियों से हाईकोर्ट में चपरासी की नौकरी दिलाने के नाम पर पांच-पांच लाख रुपये लिये हैं. सुभाष चंद्रा को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसके घर की तलाशी ली. इस दौरान वहां से पटना हाईकोर्ट के छह फर्जी आईडी कार्ड, दो नकली लेटरपैड, जिला एवं सत्र न्यायालय के प्रवेश पत्र, फर्जी नियुक्ति पत्र, शपथ पत्र, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और कई अभ्यर्थियों के शैक्षणिक दस्तावेज बरामद किये गये. कोतवाली थानाध्यक्ष राजन कुमार के अनुसार, ठगी की घटना को किसी एक व्यक्ति ने नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह ने अंजाम दिया है, जिसका मास्टरमाइंड सुभाष है. पुलिस ने पूर्व से दर्ज मामले की जांच अब और तेज कर दी है. इस गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस ने बताया कि हाईकोर्ट में फर्जी आईडी के साथ पकड़े गये दो युवकों में से एक सिंटू ने आत्महत्या कर ली थी., जबकि दूसरा श्रवण अब तक फरार है. इस जालसाजी का खुलासा तब हुआ जब अभ्यर्थी फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर हाईकोर्ट में ज्वॉइनिंग करने पहुंचे. इसके बाद हाईकोर्ट प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और डिप्टी रजिस्ट्रार जय कुमार सिंह ने थाना में मामला दर्ज कराया. जिसमें सुभाष चंद्र के अलावा सिंटू और श्रवण को भी आरोपी बनाया गया. सिंटू और श्रवण संविदा पर क्लर्क के रूप में हाईकोर्ट में कार्यरत थे. दोनों आरोपी हाईकोर्ट के दस्तावेजों की फोटोकॉपी और अन्य छोटे-मोटे कामों के लिए सुभाष चंद्र की मदद लेते थे. जब हाईकोर्ट में चपरासी की बहाली निकली, तो इन्होंने फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने की साजिश रची. सुभाष को क्लाइंट जुटाने की जिम्मेदारी दी गयी. उसने बेरोजगार युवाओं से संपर्क कर प्रति व्यक्ति पांच लाख रुपये लिये और बदले में फर्जी नियुक्ति पत्र सौंप दिये.

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