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कोडरमा का एक थाना, जहां 'टेंडर' होता है

 
Arun Burnwal   कोडरमा : गुमो के एक वामपंथी सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता इन दिनों परेशान हैं. वे बताते हैं: मेरी जमीन पर दलालों ने अचानक काम शुरू कर दिया. मैं भागा-भागा थाना पहुंचा. थानेदार आएं और काम बंद करा दिया. मुझे लगा कि देवता आदमी हैं. दूसरे दिन फिर काम शुरू हो गया. पता चला कि दलालों और थानेदार महोदय में ठीक-ठाक `डील` हो गई. जिसे देवता समझ रहा था, दरअसल वह `शैतान` निकला. यह कहानी है झुमरीतिलैया थाना की.  भारी परेशानी के दौर से गुजर रहा यह वामपंथी कार्यकर्ता जिले के ख्यात वामपंथी और वयोवृद्ध नेता श्रीनिवास शर्मा का नजदीकी है. श्रीनिवास शर्मा जिला ही नहीं, झारखंड में वामपंथ के अगुआ नेता हैं-कद और चरित्र दोनों में लंबे. 90 की उम्र में भागदौड़ नहीं कर पाते. लेकिन, नजदीकियों को कानूनी सलाह देते हैं. शाम की उनकी बैठकी में अनेक लोग अपना दुखड़ा लेकर पहुंचते हैं. इस नेता की सलाह पर कुछ लोग अब DGP और PS [होम] तक थानेदार की बात पहुंचा रहे हैं. इसलिए कि SP से शिकायत का असर नहीं हो रहा है. आज नहीं तो कल ये तमाम शिकायतें थानेदार अजय सिंह के लिए परेशानी का सबब बनने वाला है. आरोप है कि शहर में थानेदार के दो दलाल हैं. कैसा भी सही-गलत काम हो, इनसे मिल लीजिए, काम का `टेंडर` हो जाएगा. परिणाम यह है कि लोगों को शिकायतों की `रिसिविंग` तक नहीं मिलती. शिकायत रद्दी की टोकरी में. हां, टेंडर हो गया हो, तो अलग बात है. झुमरीतिलैया नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष और ख्यात अधिवक्ता प्रकाश राम कहते हैं : `कहानियां मैंने भी सुनी हैं, जो चिंताजनक है. SP को इसकी जांच करानी चाहिए. ऐसे ही चलता रहा, तो व्यवस्था पर से लोगों का भरोसा टूटेगा. जो लोकतंत्र के लिए घातक है. [जारी-कल पढ़िए : थाने के पीछे एक मंदिर है ] यह भी पढ़ें : माफिया">https://lagatar.in/koderma-jhumritilaiya-police-station-in-the-clutches-of-mafia-now-preparations-for-agitation/">माफिया

के चंगुल में झुमरीतिलैया थाना, अब आंदोलन की तैयारी [wpse_comments_template]          
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