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मई की तपिश में साहित्यिक गतिविधियों की फुहार

Neeraj Neer साहित्यिक और सांस्कृतिक रूप से उर्वर झारखंड की भूमि पर साहित्यिक कार्यक्रमों का निरंतर आयोजित होना राज्य के साहित्यकारों की जागरूकता को प्रदर्शित करता ही है, नए लिखने वालों के लिए उपयुक्त मंच भी प्रदान करता है. अन्य माह की तरह मई माह में भी झारखंड के विभिन्न शहरों-कस्बों में कई साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ.   अखिल भारतीय उर्दू सम्मेलन इन कार्यक्रमों में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम रहा रांची में जनवादी लेखक संघ के द्वारा अखिल भारतीय उर्दू सम्मेलन का आयोजन. इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों के उर्दू के साहित्यकारों के अतिरिक्त हिन्दी के भी अनेक साहित्यकार सम्मिलित हुए. दो दिवसीय इस कार्यक्रम में उर्दू की वर्तमान स्थिति एवं इसकी तरक्की पर चर्चा हुई. इस कार्यक्रम में सरकार से झारखंड में साहित्य अकादमी के गठन की मांग भी की गयी.   सेल की काव्य मंजरी https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/Untitled-465.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> रांची में ही स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (सेल) की रांची इकाई के सौजन्य से मैनेजमेंट ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (एम. टी.आई.) रांची की हीरक जयन्ती वर्ष के उपलक्ष्य में काव्य मंजरी राष्ट्रीय कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन किया गया, जिसमें देश के कई नामचीन शायर और कवि सम्मिलित हुए. इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले कवियों में शबाना अदीब, मुमताज नसीम, शिशिर सोमवंशी, सुरिन्दर कौर नीलम आदि प्रमुख रहे.   बा-अदब में डॉ कुमार संजय रांची शहर की प्रमुख साहित्यिक संस्था शब्दकार के द्वारा काफी समय से बा-अदब कार्यक्रम आयोजित किया जाता रहा है, जिसमें किसी वरिष्ठ साहित्यकार से उनके रचनाकर्म के अनुभवों को सुना जाता है. इस बार लंबे समय के बाद बा-अदब का आयोजन किया गया, जिसमें नाटककार डॉ कुमार संजय से उनकी साहित्यिक यात्रा के बारे में सुना गया. कार्यक्रम में शामिल रचनाकारों ने उनसे सवाल भी किए.   जमशेदपुर में पांच दिन थिएटर के नाम जमशेदपुर के आदित्यपुर स्थित आसमा इंडिया के परिसर में दिनांक नौ मई को पांच दिवसीय फिल्म और थिएटर से संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया , इसमें बहुत सारे विद्यार्थी सम्मिलित हुए. कार्यशाला में प्रोफेसर अजय मलकानी (एन एस डी के एकेडमिक सदस्य) ने विद्यार्थियों को अभिनय की बारीकियों से रूबरू कराया साथ ही साथ अभिनय से संबंधित बहुत सारी जानकारी दी. साथ में रंगकर्मी ( थिएटर सचिव आस्था) अनिता सिंह ने भी विद्यार्थियों के बीच रंगकर्म और फिल्म अभिनय से संबंधित जानकारी को साझा किया. आसमा इंडिया के डायरेक्टर संजय सत्पथी ने भी अपने अनुभव साझा किए.   सिंहभूम में पुस्तकें विमोचित सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन/तुलसी भवन के द्वारा जमशेदपुर की कवयित्री वीणा पाण्डेय ‘भारती’ के काव्य-संकलन “स्वयं-प्रभा के आंगन से” के लोकार्पण का कार्यक्रम दिनांक 20 मई को जमशेदपुर के तुलसी भवन में आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में जमशेदपुर शहर के रचनाकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. जमशेदपुर में ही सिंहभूम जिला भोजपुरी साहित्य परिषद के द्वारा गोलमुरी स्थित भोजपुरी भवन में अरविन्द विद्रोही की भोजपुरी नाटक पुस्तक “कब्रिस्तान का उद्घाटन” का लोकार्पण किया गया. इसी कार्यक्रम के दूसरे सत्र में कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया गया, जिसमें कई कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया. ऑनलाइन कवि गोष्ठियां महिला काव्य-मंच , रांची जिला के द्वारा 15 मई को ऑनलाइन दो मासिक गोष्ठियां आयोजित की गई जिसमें संस्था से संबद्ध कई रचनाकारों ने भाग लिया. देवघर जिलान्तर्गत साहित्य समागम भारत के द्वारा मधुपुर अनुमंडल में कवयित्री सम्मेलन का आयोजन किया गया. सम्मानित हुए शंभू शिखर, निलोत्पल मृणाल 6 मई को धनबाद में एक मीडिया हाउस के द्वारा कोयला खनिकों का सम्मान किया गया इस अवसर पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें शंभूशिखर और निलोत्पल मृणाल सम्मिलित हुए. धनबाद में ही 7 मई को वनखंडी मिश्र की पुस्तक `अतीत के झरोखे से` का लोकार्पण हुआ. धनबाद में 20 मई को साहित्यिक संस्था "संस्था एक प्रयास" के तत्वावधान में एक काव्यगोष्ठी आयोजित की गई. वहीं 21 मई को "हिन्दी साहित्य भारती" की धनबाद इकाई शाखा की ओर से बैंक मोड़ में साहित्यिक परिचर्चा सह काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया.   सियाराम झा सरस को वैदेही पुरस्कार रांची में विद्यापति स्मारक समिति की ओर से जेल रोड स्थित पुलिस क्लब में आयोजित मां जानकी महोत्सव में साहित्यकार सियाराम झा सरस को वैदेही पुरस्कार 2023 प्रदान किया गया. वहीं अलग अलग क्षेत्रों से मिथिला समाज को गौरवान्वित करने वाली झारखंड की नौ मिथिला पुत्रियों को भी विशिष्ट मिथिला पुत्री का सम्मान प्रदान किया गया. इस मौके पर कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया जिसमें कुमार बृजेन्द्र, कुमार मनीष अरविंद, शारदा झा, सियाराम झा सरस आदि कवियों ने अपनी रचना में जहां वैदेही और मातृ-शक्ति को याद किया, वहीं मिथिला की संस्कृति भी पंक्तियों में जीवंत हुई.   सम्मानित हुए संगीता- प्रणव https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/Untitled-466.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> हिन्दी साहित्य संकल्प संधान पीठ के द्वारा मोराबादी में सम्मान समारोह का आयोजन 28 मई को किया गया, इसमें रांची के दो साहित्यकारों प्रणव प्रियदर्शी एवं संगीता कुजारा टाक को सम्मानित किया गया. दिनांक 28 मई को ही कलमकार मंच के द्वारा रांची में काव्य गोष्ठी का सिटी पैलेस होटल, लालपुर आयोजन किया गया. डिस्क्लेमर : ये लेखक के निजी विचार हैं.

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