Ranchi: दशहरे का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. पूरे देश में रावण दहन अलग-अलग तरीके से किया जाता है. लेकिन राजधानी रांची से महज 17 किमी दूर पिठोरिया गांव में एक ऐसा मंदिर है, जहां भगवान शिव के साथ-साथ रावण की भी पूजा की जाती है. यूं कहे तो जहां एक तरफ रावण को बुराई का प्रतीक समझकर पुतला दहन किया जाता है, वहीं दूसरी तरफ भगवान भोलेनाथ के साथ रावण की भी पूजा की जाती हैं. मंदिर के पुजारी का कहना है कि रावण भोलेनाथ का परम भक्त था. इस वजह से उनकी भी पूजा इस मंदिर में की जाती है.
रांची में एक ऐसा मंदिर जहां भगवान शिव के साथ होती है रावण की पूजा
Last Updated: Oct 05, 2022 12:00 AM (IST)