Search

 
 
 

Bengal Election Result Opinion : बिल्कुल! चमत्कार ही हो गया है बंगाल चुनाव में

एक बात तो सबके बिल्कुल समझ आ गई है कि बंगाल में इस बार हिंदू वोट एकजुट हुआ और उसने बीजेपी को जमकर वोट दिया. क्योंकि 4 मई को चुनाव परिणाम वाले दिन सोशल मिडिया फीड के जरिए सबको पता चला कि जादवपुर से टीएमसी सांसद और सोशल मीडिया की इस बार की बहुचर्चित शख्सियत सायोनी घोष ने चुनावी मंच से मेरे दिल में काबा और आंखों में मदीना गाना गाया था. इसलिए हिंदु वोटर एकजुट हो गए.
 

Girish Malviya

एक बात तो सबके बिल्कुल समझ आ गई है कि बंगाल में इस बार हिंदू वोट एकजुट हुआ और उसने बीजेपी को जमकर वोट दिया. क्योंकि 4 मई को चुनाव परिणाम वाले दिन सोशल मीडिया फीड के जरिए सबको पता चला कि जादवपुर से टीएमसी सांसद और सोशल मीडिया की इस बार की बहुचर्चित शख्सियत सायोनी घोष ने चुनावी मंच से मेरे दिल में काबा और आंखों में मदीना गाना गाया था. इसलिए हिंदु वोटर एकजुट हो गए. 

 

अब दिल में है काबा ओर आंखों में मदीना गाने वाली पार्टी को हमारा हिंदू समुदाय कैसे वोट दे सकता है? उसे तो सिर्फ पक्का मियां मुस्लिम ही वोट देगा! आज के दौर में ये बिल्कुल वैलिड प्वाइंट है. लेकिन एक बात बिल्कुल भी समझ नहीं आई कि बंगाल में जिन सीटों पर 30 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम मेजोरिटी थी, वहां बीजेपी कैसे जीत गई? और हम ऐसी 8 या 10 सीटों की बात नहीं कर रहे, हम बात कर रहे हैं पश्चिम बंगाल की 115 सीटों की. 

 

जी हां, एसआईआर के बाद भी बंगाल में करीब 115 ऐसी सीटें थीं, जिनमें मुस्लिम वोटर अनुमानित रूप से 30 प्रतिशत या उससे अधिक था. उसमें से बीजेपी ने 39 सीटों पर पर कब्जा कर लिया है, टीएमसी भी सिर्फ 39 सीट ही जीत पाई. जबकि 2021 के  विधानसभा चुनावों में 30 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम अबादी वाले करीब 85 सीटों में टीएमसी ने 75 सीटों पर जीत दर्ज की थी. 

 


मजे की बात यह भी है कि 2021 में बीजेपी ने इन सीटों पर 8 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे, सब हार गए. पर इस बार पार्टी ने एक भी मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया. उसके बावजूद उसके 39 उम्मीदवार जीत गए. इसका मतलब यह है कि बंगाल के मुस्लिम ने उस पार्टी को वोट नहीं दिया जिसके दिल में काबा और आंखों में मदीना था. बल्कि उसने अपनी 39 सीटों पर उस पार्टी के नेताओं को जिताया, जिसके नेताओं ने कहा कि हमें तो मुसलमानों के वोट नहीं चाहिए और यदि बीजेपी की सरकार आई तो मुल्लों को सड़क पर नमाज पढ़ने नहीं देंगे, मौलवियों से कलकत्ते की सड़कों पर झाड़ू लगवाएंगे आदि आदि. 

 

इसके बावजूद मुस्लिम, बीजेपी से इतना प्यार करता है कि उसे अपनी 39 सीट गिफ्ट कर देता है और गद्दारी का पता लगने के बाद भी हुमायूं कबीर जैसे नेता को दो सीट जिता देता है. बिल्कुल चमत्कार ही हो गया है बंगाल चुनाव में.

 

डिस्क्लेमर :  यह टिप्पणी लेखक के सोशल मीडिया से साभार लिया गया है.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही