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अबूधाबी : यूएई के भारतीय दूतावास में बिहार व झारखंड के कवियों ने सुनाई देशप्रेम की कविताएं

Abudhabi (Kumar Diwakar Prasad ) : यूएई की राजधानी अबूधाबी में भारतीय दूतावास-यूएई के तत्वावधान में आज़ादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में अबूधाबी काव्यमंच ने नौ जुलाई  को कवि सम्मेलन का आयोजन किया. इसमें कवियों ने देशप्रेम, अनुराग व श्रृंगार रस पर आधारित कविताओं के माध्यम से अपने भावों को अभिव्यक्त किया. कार्यक्रम के आयोजन में बिहार समाज अबुधाबी, इंडियन पीपल फोरम, मारवाड़ी युवामंच, महाराष्ट्रा मंडल, आदि सामाजिक संस्थानों का सहयोग रहा, [caption id="attachment_354555" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/abudhabi1.jpg"

alt="" width="600" height="378" /> ध्रुव मिश्रा और राजीव रंजन ने दीप प्रज्जवलित  कर कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए.[/caption] इसे भी पढ़ें :चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-phd-entrance-exam-will-be-held-in-kolhan-university-by-september/">चाईबासा

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अध्यक्ष ने सभी अतिथियों का स्वागत किया

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alt="" width="600" height="426" /> बिहार समाज अबुधाबी के सदस्य.[/caption] बिहार समाज अबुधाबी के अध्यक्ष ललिता मिश्रा ने  सभी अतिथियों का स्वागत किया. निशा झा ने मंच का संचालन किया.  ध्रुव मिश्रा और राजीव रंजन ने दीप प्रज्जवलित  कर कार्यक्रम की शुरुआत की. ध्रुव मिश्रा और राजीव रंजन  को  ऋचा मित्तल व मीरा ठाकुर  ने सैप्लिंग प्लांट देकर सम्मानित किया.  पदमावती कंवर ने मां सरस्वती को नमन कर  सरस्वती वंदना की. बिहार समाज अबुधाबी के कुमार दिवाकर प्रसाद ने जानकारी दी की हर साल यहां पर भारतीय संस्कृति पर आधारित काव्य गोष्टी आयोजित की जाती है. इसे भी पढ़ें :चांडिल">https://lagatar.in/chandil-villagers-of-tamari-will-become-a-participant-in-the-khatian-movement-of-1932/">चांडिल

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`मायके की याद ` कविता से कार्यक्रम की शुरुआत हुई

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alt="" width="600" height="337" /> डॉ. नितिन उपाध्याय की कविता ‘जन-गन-मन गाऊंगा देश ध्वाजा फहराऊंगा` `मायके की याद’, ‘बांके सिपाहिया’ के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. ललिता मिश्रा `मां की सेवा का व्रतदान’,  ‘प्रणय निवेदन’ एवं ‘नारी शक्ति का आह्वान`, निशा  की ‘जिंदगी’, ‘दोस्ती’ , डॉ. पल्लवी बारटके की ‘पौधा’, अनिकेत मितकरी की “आदरांजली”, पद्मावती कंवर की ‘सैनिक’ , कतर से आए बैजनाथ शर्मा ‘मिटूं’ की ‘मां मुझे वर्दी सिलवा दे मैं भी लड़ने जाऊंगा’, अवधेश राणा जी के हास्य रस से भरपूर ‘चौधरी जी के किस्से’, अजित झा के  ‘श्रीमती जी का सवाल तुम हंसे क्यूं ?’ से महफिल ठाहकों से गूंज उठी.   इस तरह मोतियों की माला पिरोते हुए कवियों ने अपनी उत्कृष्ट रचनाएं प्रस्तुत की और काव्योत्सव के कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दिखाई. इसे भी पढ़ें :खरसावां">https://lagatar.in/kharsawan-health-checkup-of-pregnant-women-was-done-at-community-health-center/">खरसावां

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बिहार समाज अबुधाबी बिहार झारखंड की प्रशंसा की गई

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alt="" width="1600" height="1200" /> श्रीमती मीरा ठाकुर  ने धन्यवाद ज्ञापन के द्वारा भारतीय दूतावास एवं श्रोताओं के प्रति अबूधाबी काव्यमंच की ओर से आभार प्रकट किया. मंच से कई बार बिहार समाज अबुधाबी के लोगों को सम्बोधित किया गया, ज्ञात हो की बिहार समाज अबुधाबी बिहार झारखंड और पूर्वांचल के लोगों के सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं को देश से दूर भी संभाले रखने में प्रयासरत है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/4.jpeg"

alt="" width="1600" height="900" /> [wpse_comments_template]  

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