- टूरिज्म, कृषि, एजुकेशन, स्पोर्टस और आधारभूत संरचनाओं पर फोकस की संभावना
- चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 47 फीसदी ही राशि हुई है खर्च
Ranchi: इस बार का अबुआ दिशोम बजट (वित्तीय वर्ष 2026-27) के बजट का आकार बड़ा हो सकता है. जानकारी के अनुसार, इस बार का बजट एक लाख 70 हजार करोड़ से एक लाख 75 हजार करोड़ के बीच हो सकता है. इस बार के बजट में टूरिज्म, कृषि, एजुकेशन, स्पोर्टस और आधारभूत संरचनाओं पर फोकस रहने की संभावना है. इस बार के बजट के लिए वित्त विभाग ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और विभागों प्रमुखों से चार फरवरी की शाम पांच बजे तक प्रस्ताव देने को कहा है.
चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 47 फीसदी ही राशि हुई खर्च
चालू वित्तीय वर्ष (2025-26) में अब तक बजट की 46.77 फीसदी ही राशि खर्च की जा सकती है. इसमें राज्य योजना की 49.66 फीसदी राशि खर्च हुई है. जबकि केंद्रीय योजना की 26.06 फीसदी ही राशि खर्च हो सकी है. बताते चलें कि चालू वित्तीय वर्ष का बजट एक लाख 45 हजार 400 करोड़ रुपए का है.
वित्त विभाग ने क्या दिए हैं निर्देश
• केंद्र प्रायोजित स्कीम व केंद्रीय सेक्टर स्कीम में बदलाव: भारत सरकार द्वारा हिस्सेदारी में परिवर्तन के कारण बजट में संशोधन आवश्यक हो तो प्रस्ताव दें.
• अप्रयुक्त या अपर्याप्त राशि: विगत वर्ष या चालू वित्तीय वर्ष में प्राप्त राशि का उपबंधन या खर्च नहीं हुआ है या अपर्याप्त है, तो उसके अनुसार प्रस्ताव दें.
• टॉप-अप प्रावधान: केन्द्रीय प्रायोजित योजनाओं में केन्द्रांश और राज्यांश के अतिरिक्त राज्य संसाधनों से व्यय को "टॉप अप" के रूप में उपबंधित करें.
• बजटीय त्रुटियों का सुधार: वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में त्रुटिपूर्ण बजटीय उपबंध में सुधार के प्रस्ताव दें.
• राज्य स्कीम व केंद्रीय स्कीम में बजटीय उपबंध: योजना एवं विकास विभाग की सहमति के बाद ही प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा.
• स्थापना व्यय और राज्य स्कीम: स्थापना व्यय और राज्य स्कीम के प्रस्ताव प्रत्यर्पण के साथ दें. पहले से राशि प्रावधानित नहीं होने पर टोकन राशि (1000 रुपए) की मांग करें.
• आकस्मिक स्थिति के प्रस्ताव: अत्यावश्यक और आकस्मिक स्थिति में उत्पन्न प्रस्ताव भी स्वीकार किए जाएंगे.
• प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथिः चार फरवरी (बुधवार) को शाम बजे बजे तक वित्त विभाग के वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध कराएं.
• विभागीय मंत्री से अनुमोदनः विभागीय मंत्री से अनुमोदन प्राप्त कर लें और संचिका वित्त विभाग को ससमय उपलब्ध कराएं.
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