अरब में पाकिस्तानी PM और उनका डेलीगेशन हुआ शर्मसार, लगे चोर-चोर के नारे
कोर्ट ने कहा कि 5 मई को अंतिम सुनवाई होगी
कोर्ट ने कहा कि 5 मई को अंतिम सुनवाई होगी. यह भी स्पष्ट कर दिया है कि मामले में आगे कोई स्थगन नहीं दिया जायेगा. बता दें कि पिछले साल, CJI रमना ने आजादी के 75 साल बाद भी देशद्रोह कानून की आवश्यकता पर केंद्र सरकार से सवाल किया था और कहा था कि यह औपनिवेशिक कानून था जिसका इस्तेमाल स्वतंत्रता सेनानियों के खिलाफ किया गया था. कोर्ट ने कहा कि महात्मा गांधी और बाल गंगाधर तिलक जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के खिलाफ राजद्रोह कानून का इस्तेमाल किया गया था. SC ने केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से पूछा था कि इसे क्यों नहीं बदला जा सकता है. इसे भी पढ़ें : बोले">https://lagatar.in/mohan-bhagwat-said-the-society-which-loves-violence-is-currently-counting-its-last-days/">बोलेमोहन भागवत, जिस समाज को हिंसा प्रिय है, वर्तमान में वह अपने अंतिम दिन गिन रहा है…
24-ए (देशद्रोह) एक गैर-जमानती प्रावधान है
शौरी ने अपनी याचिका में कहा है कि बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रयोग करने के लिए नागरिकों के खिलाफ मामले दर्ज किये जा रहे हैं. आईपीसी के तहत धारा 124-ए (देशद्रोह) एक गैर-जमानती प्रावधान है. इस कानून के तहत कोई भी व्यक्ति जो अपने भाषण से भारत में कानून द्वारा स्थापित सरकार के प्रति घृणा या अवमानना या असंतोष को उत्तेजित करने का प्रयास करता है वो एक आपराधिक कार्य करता है जो आजीवन कारावास की अधिकतम सजा के साथ दंड पाने योग्य हो जाता है. शौरी ने अपनी याचिका में कहा है कि देशद्रोह की परिभाषा अस्पष्ट है जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियां और पुलिस भी इसका सटीक मूल्यांकन करने में असमर्थ है. इसे भी पढ़ें : सुबह">https://lagatar.in/jharkhand-news-morning-news-diary-29-april-2022/">सुबहकी न्यूज डायरी।29 APR।एक्शन के मूड में CM हेमंत।CAG रिपोर्ट में गड़बड़ी का खुलासा।हेमंत मां को लेकर गए हैदराबाद।कश्मीर से आंध्र तक बिजली संकट।शाहीनबाग फिर सुर्खियों में।समेत कई खबरें और वीडियो।

Leave a Comment