Gumla : एक मुटठी आसमां में हक हमारा भी है. हक तो आप आदिम जनजातियों का है. बस हम एहसास करा रहे हैं कि हक व अधिकार आप कैसे लेंगे. सरकार की योजना का लाभ देने के लिए प्रशासन गंभीर है. आज हम जिन लोगों को कमजोर जनजाति बोलते हैं. यह कमजोर हट जाये और आदिम जनजाति भी विकास के पथ पर तेजी से बढ़े. वे गांवों से निकल शहर तक पहुंचे और अच्छे मुकाम को प्राप्त कर बुलंदी को छूए.
101 करोड़ 55 लाख रुपये की परिसंपत्ति का वितरण
यह बातें झारखंड हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस सह झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद ने कही. दरअसल गुमला जिले में आदिम जनजाति एवं दिव्यांग बच्चों के लिए झालसा के निर्देश पर डालसा व जिला प्रशासन द्वारा राज्य स्तरीय विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन केओ कॉलेज गुमला में किया गया था. जहां दो लाख 79645 लाभुकों के बीच 101 करोड़ 55 लाख रुपये की परिसंपत्ति का वितरण किया गया. न्यायालय खुद चौपालों तक आ रहा है
कार्यक्रम में हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय प्रसाद, प्रदीप श्रीवास्तव, झालसा की सचिव रंजना अस्थाना समेत न्यायिक व प्रशासनिक पदाधिकारियों मौजूद रहे. मौक़े पर एक्टिंग चीफ जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा है कि आप जनता जिस सरकारी योजना के लिए जो इधर उधर दौड़ लगाते हैं. इसके लिए एक जगह आपको बुलाकर योजनाओं का लाभ देने का काम किया जा रहा है. न्यायालय खुद चौपालों तक आ रहा है. आपके गांवों तक पीएलवी पहुंच रहे हैं. आपकी जो समस्या है. उसे सुन रहे हैं. उन परेशानी व समस्याओं को दूर करने का प्रयास डालसा द्वारा किया जा सके. आप सरकारी योजना का लाभ लेकर स्वावलंबी बने
झालसा व नालसा का उददेश्य है. आप सरकारी योजना का लाभ लेकर स्वावलंबी बने. उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम कमजोर जनजाति समूह व दिव्यांग बच्चों को लाभ देने के लिये किया गया है. यदि कोई बच्चा मानसिक रूप से पीड़ित है. जिसे इलाज की जरूरत है. तो आप तुरंत डालसा या झालसा से संपर्क करें. जिसके बाद जिसे इलाज की जरूरत है. उसे इलाज की सुविधा दी जायेगी सरकार ने भी आश्वासन दिया है कि रिनपास में इनडोर की फैसिलिटी भी दी जायेगा. वर्तमान समय में न्याय आपके द्वारा पहुंच चुका है.
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