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झारखंड सरकार की जांच एजेंसी की कार्रवाई : शराब और जमीन घोटाले में शामिल 2 IAS समेत 13 को भेजा जेल

  • झारखंड सरकार की जांच एजेंसी की शराब और जमीन घोटाले में कार्रवाई
  • शराब घोटाला में सरकार को 70 करोड़ से ज्यादा का नुकसान 
  • शराब घोटाला मामले में 10 प्रमुख व्यक्ति गिरफ्तार
  • बोकारो में 100 एकड़ से ज्यादा वन भूमि की अवैध खरीद-बिक्री 
  • जमीन घोटाला मामले में एजेंसी ने तीन को किया गिरफ्तार

Ranchi :  झारखंड में राज्य जांच एजेंसी सीआईडी और एसीबी का घोटाले जुड़े मामले में जांच लगातार जारी है. जिसके परिणामस्वरूप अब तक दो आईएएस अधिकारियों सहित कुल 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. ये गिरफ्तारियां 70 करोड़ से अधिक के शराब घोटाले और 100 एकड़ से अधिक के जमीन घोटाले से जुड़ी हैं.

 

शराब घोटाला में 70 करोड़ से ज्यादा का नुकसान 

झारखंड में 70 करोड़ रूपये से अधिक के शराब घोटाले की जांच एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) कर रही है. इस मामले में मुख्य आरोपी के तौर पर आईएएस विनय कुमार चौबे को 20 मई को गिरफ्तार किया गया था. सरकार के अनुसार, चौबे ने शराब बिक्री के लिए एजेंसियों के चयन में नियमों का उल्लंघन किया और उनके धोखाधड़ी भरे कृत्यों से राज्य के खजाने को 38 करोड़ का सीधा नुकसान हुआ था. यह घोटाला आपराधिक मिलीभगत से प्लेसमेंट एजेंसियों के चयन, तय प्रक्रियाओं का पालन न करने और सरकारी खजाने के साथ जालसाजी का परिणाम था. जांच के दौरान कई बिचौलियों, आपूर्तिकर्ताओं और सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता भी सामने आई है.

 

शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार 10 प्रमुख व्यक्ति : 

  • - आईएएस विनय कुमार चौबे
  • - संयुक्त आयुक्त उत्पाद गजेंद्र सिंह (बेल मिल गया)
  • - जेएसबीसीएल (JSBCL) के वित्त महाप्रबंधक सुधीर कुमार दास
  • - पूर्व महाप्रबंधक सुधीर कुमार
  • - प्लेसमेंट एजेंसी के स्थानीय प्रतिनिधि नीरज कुमार सिंह
  • - पूर्व आयुक्त उत्पाद अमित प्रकाश
  • - छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया
  • - कंपनी प्रिज्म होलोग्राफी के एमडी विधु गुप्ता
  • - ओम साईं बेवरेजेज के अतुल कुमार सिंह
  • - ओम साईं बेवरेजेज के मुकेश मनचंदा

 

बोकारो में 100 एकड़ से ज्यादा वन भूमि की अवैध खरीद-बिक्री 

बोकारो जिले के तेतुलिया मौजा में 100 एकड़ से अधिक वन भूमि को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेच दिया गया. इस घोटाले में भू-माफिया, अंचल कर्मी और बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप है. यह जमीन मूल रूप से बोकारो स्टील प्लांट द्वारा वन विभाग को लौटाई गई थी. झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता के निर्देश पर इस मामले की जांच सीआईडी (अपराध अनुसंधान विभाग) को सौंपी गई थी. सीआईडी बोकारो के सेक्टर 12 थाना में दर्ज कांड संख्या 32/2024 को टेकओवर कर जांच कर रही है और इस मामले में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है.

 

100 एकड़ से अधिक वन भूमि की अवैध खरीद-बिक्री मामले में तीन गिरफ्तार :

  • - इजहार हुसैन
  • - अख्तर हुसैन
  • - राजवीर कंस्ट्रक्शन के मालिक पुनीत अग्रवाल

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