Search

 
 
 

जमीन के अभाव में 17 स्कूलों में नहीं बन सका एक्स्ट्रा क्लास रूम, शिक्षा परियोजना ने राशि वापस मंगाई

 
  • उत्क्रमित उच्च विद्यालय बिलासपुर के प्रिंसिपल ने जेई और ठेकेदार पर कार्रवाई करने का आग्रह किया

Ranchi : झारखंड सरकार स्कूली शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में लगी है. जिन स्कूलों में स्टूडेंट्स ज्यादा और क्लास रूम कम हैं, वहां एक्स्ट्रा क्लास रूम, एसीआर का निर्माण कराने की योजना है. एसीआर निर्माण योजना की मॉनिटरिंग झारखंड राज्य शिक्षा परियोजना परिषद खुद करता है. धनबाद जिला के 42 उच्च विद्यालयों में 135 एक्स्ट्रा क्लास रूम के निर्माण के लिए परिषद ने 50 प्रतिशत राशि निर्गत किया था. 50 प्रतिशत राशि आरएमएसए द्वारा एक्स्ट्रा क्लास रूम के लिए दिया जाता है.

17 स्कूलों में 52 एक्स्ट्रा क्लास रूम बन चुके हैं

झारखंड राज्य शिक्षा परियोजना परिषद की मॉनिटरिंग में धनबाद के 17 उच्च विद्यालयों में 52 एक्ट्रा क्लास रूम का निर्माण हो चुका है. वहीं 8 उच्च विद्यालयों में 35 एक्स्ट्रा क्लास रूम का निर्माण कार्य जारी है. 17 विद्यालय में एक्स्ट्रा क्लास रूम के लिए जमीन नहीं मिली. जमीन नहीं मिलने की वजह से एक्स्ट्रा क्लास रूम निर्माण की योजना अधर में लटक गई. इधर परिषद ने जमीन नहीं मिलने की वजह से जिन स्कूलों में एक्स्ट्रा क्लास रूम के लिए राशि दी थी, उस राशि को वापस ले ली है. इस वजह से अब 17 स्कूलों एक्स्ट्रा क्लास रूम का निर्माण नहीं हो पाएगा.

स्कूल बिल्डिंग बनाने में अनियमितता, जेई और ठेकेदार पर कार्रवाई का आग्रह

उत्क्रमित उच्च विद्यालय बिलासपुर में बन रहे नए भवन में कई अनियमितता सामने आई है. प्रथम तल्ले की बिल्डिंग बनने के बाद आधे अधूरे में ही ठेकेदार छोड़कर चला गया. वहीं दूसरे तल्ले की बिल्डिंग बनाने का काम चल रहा है. इस बिल्डिंग निर्माण का जिम्मा विभागीय जेई तज्जिमुल हसन के जिम्मे है. जेई ने अपने एक रिश्तेदार को ही बना दिया है.

स्कूल के प्रिंसिपल ने आरोप लगाते हुए परिषद को बताया है कि जितना पैसा ठेकेदार को अब तक दिया गया है, उतना कार्य नहीं किया गया है. उसके बावजूद और पैसे देने का अक्सर दबाव बनाया जा रहा है. प्रधानाचार्य ने जेई और ठेकेदार के रवैये से तंग आकर विभाग को पत्र लिखकर पूरे मामले में कार्रवाई करने का आग्रह किया है.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही