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अडानी मामला : संबित पात्रा ने कहा, राहुल गांधी को झूठे आरोप लगाने की आदत...कोर्ट क्यों नहीं जाते?

जुलाई 2021 से फरवरी 2022 के बीच ओडिशा (तब BJD शासित), तमिलनाडु (DMK), छत्तीसगढ़ (तब कॉन्ग्रेस शासित) और आंध्र प्रदेश (तब YSRCP) में स्थित SDC को US $265 मिलियन दिया गया NewDelhi : अमेरिकी अदालत में गौतम अडानी पर US में इन्वेस्टर्स के साथ धोखा करने और सोलर एनर्जी कॉन्ट्रेक्ट को लेकर घूस देने के आरोप लगे हैं. इन आरोपों पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गौतम अडानी की गिरफ्तार करने की मांग की. राहुल ने भाजपा और पीएम मोदी पर गौतम अडानी को बचाने का आरोप लगाया. राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भाजपा ने पलटवार किया. भाजपा सांसद संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि राहुल गांधी को झूठे आरोप लगाने की आदत है. कहा कि अमेरिकी जांच में जिन चार राज्यों का जिक्र है वहां उस समय कांग्रेस और उसके घटक दलों की सरकारें थीं. संबित पात्रा ने कहा, आंध्र प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी. वहां सबसे ज्यादा लेन-देन अडानी ग्रुप के साथ इन लोगों(विपक्ष) ने ही किया है. तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस या उनके सहयोगियों की सरकार थी. संबित पात्रा ने छत्तीसगढ़ का जिक्र कर राहुल पर सवाल खड़े किये. साथ ही कहा कि कानून अपना काम करेगा.

राहुल गांधी 2019 में भी इसी तरह राफेल मुद्दे को लेकर सामने आये थे

कहा कि आज एक बार फिर राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वही व्यवहार दिखाया और चीज़ों को उसी तरह रखा है जैसे वो करते आये हैं. पीसी में कुछ भी नया नहीं था. उनके पास कुछ नाम, तरीके हैं जिनका इस्तेमाल करके वह पीसी करते हैं और भाजपा, पीएम मोदी पर आरोप लगाने की कोशिश करते हैं. मुझे याद है कि राहुल गांधी 2019 में भी इसी तरह राफेल मुद्दे को लेकर सामने आये थे. उन्होंने दावा किया था कि बड़ा खुलासा होगा. कोविड महामारी के दौरान वे वैक्सीन को लेकर इसी तरह प्रेस कॉन्फ्रेंस करते थे. हालांकि, बाद में उन्हें सुप्रीम कोर्ट के सामने माफी मांगनी पड़ी,

मां-बेटे जमानत पर हैं और न्यायपालिका का काम कर रहे हैं!

संबित पात्रा ने कहा, मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि जिस तरह हम केस फाइल करते थे और सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करते थे... आप भी केस फाइल करो,  कोर्ट में जाओ. राहुल गांधी ने अपनी पीसी में कहा था कि कांग्रेस पार्टी न्यायपालिका का भी काम कर रही है. मां-बेटे जमानत पर हैं और न्यायपालिका का काम कर रहे हैं! उनमें से आधे जमानत पर बाहर हैं और वे न्यायपालिका का काम कर रहे हैं! जान लें कि उद्योगपति गौतम अडानी पर यूएस की जांच एजेसी ने कई आरोप लगाये हैं. Adani Green Energy के ऊपर आरोप लगे हैं कि उन्होंने अपने निवेशकों के साथ धोखा किया है. एक सोलर प्रोजेक्ट दिलाने को लेकर घूस देने के आरोप लगाये गये हैं. अडानी पर आरोप है कि उन्होंने इस मामले में हजारों करोड़ों की रिश्वत दी है.

मुकदमे में लगाये गये आरोप अभी सिद्ध नहीं हुए हैं

भाजपा आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने भी कांग्रेस पर हमलावर होते हुए अमेरिकी कोर्ट के कागजों के हवाले से लिखा, जवाब देने से पहले पढ़ लेना चाहिए. आपने जिन कागजों हवाला दिया है. उन्हीं में लिखा है, मुकदमे में लगाये गये आरोप अभी सिद्ध नहीं हुए हैं और जब तक आरोपी दोषी साबित न हो जायें, तब तक उन्हें निर्दोष करार माना जाता है. मालवीय ने इस मुकदमे के कागजों के सहारे कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया है. अमित मालवीय के अनुसार मामला यह है कि अमेरिकी और भारतीय कंपनियों ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) को 12 GW बिजली सप्लाई करने पर सहमति जताई थी. यह SECI और राज्यों की बिजली कम्पनियों (SDC) के साथ बिजली खरीदने का समझौता (PPA) करने पर आधारित था. अडानी ग्रीन एनर्जी और अमेरिकी कम्पनी एज़्योर पावर के बीच समझौता था, इसके तहत सरकार को बेची जाने वाली बिजली में से एज़्योर 4 GW जबकि अडानी ग्रीन एनर्जी को 8 GW देना था.अमित मालवीय ने कहा कि इन कंपनियों द्वारा निर्मित बिजली महंगी थी, इसलिए राज्यों की बिजली कंपनियां इन्हें खरीद नहीं रही थीं. ऐसे में यह आगे SECI के पास भी नहीं जाती. अमित मालवीय ने बताया कि मुकदमे के अनुसार, इस स्थिति से निपटने के लिए अडानी ने अमेरिकी फर्म एज़्योर पावर के साथ मिलकर जुलाई 2021 से फरवरी 2022 के बीच ओडिशा (तब BJD शासित), तमिलनाडु (DMK), छत्तीसगढ़ (तब कॉन्ग्रेस शासित) और आंध्र प्रदेश (तब YSRCP) में स्थित SDC को US $265 मिलियन पैसा दिया. अमित मालवीय ने कांग्रेस(जयराम रमेश) से पूछा कि अगर मुकदमे में दर्ज सभी राज्यों में उस समय विपक्षी पार्टियां शासन कर रही थी, तो सबसे पहले उन्हें(विपक्षी दल) जवाब देना चाहिए कि क्या उन्होंने रिश्वत ली.

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