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बड़कागांव में 2024 से अदानी फाउंडेशन का शुरू हो जाएगा कोल उत्खनन कार्य

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  • पांच गांव होंगे अधिग्रहित, 2000 लोग होंगे प्रभावित
  • स्थानीय लोगों को माइनिंग में दिया जाएगा काम
  • अदानी फाउंडेशन की ओर से किए जा रहे हैं कई सामाजिक काम
Hazaribagh : हजारीबाग के बड़कागांव में अदानी फाउंडेशन 2024 से कोल उत्खनन का काम शुरू कर सकता है. इसके लिए भूमि अधिग्रहण का काम भी शुरू हो चुका है. प्रारंभिक दौर में पांच गांव विस्थापित होंगे. इनमें गोंदलपुरा, गाली, बालोदर, आहे और कुलान शामिल है. इसमें 510 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी. 220 हेक्टेयर फॉरेस्ट लैंड और 270 हेक्टेयर रैयतों की जमीन है. इसके अलावा 70 हेक्टेयर जीएम लैंड भी शामिल है. फॉरेस्ट क्लीयरेंस को लेकर भी काम शुरू हो चुका है. कंपनी 2021 में हजारीबाग के बड़कागांव में आयी. ऐसा माना जा रहा है कि 90% काम जमीन अधिग्रहण को लेकर पूरा हो चुका है. 10% काम बाकी है, जो आने वाले समय में पूरा कर लिया जाएगा. कुल मिलाकर 781 एकल परिवार विस्थापित होंगे. अगर पूरा देखा जाए, तो 2000 परिवारों के विस्थापित होने के आसार हैं. कंपनी का कहना है कि इस कोल उत्खनन में लगभग 1500 लोगों को रोजगार से जोड़ा जाएगा. इसमें 500 लोगों पर कंपनी का पूर्ण रूप से नियंत्रण रहेगा. वहीं 1000 लोगों को अलग-अलग फोरम पर रोजगार दिया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि अदानी फाउंडेशन स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक रोजगार देने जा रहा है. वहीं टेक्निकल और खनन से जुड़े हुए काम में बाहर से भी कर्मी आएंगे. इसे भी पढ़ें : लालू">https://lagatar.in/supreme-court-hearing-on-cancellation-of-lalus-bail-on-friday/">लालू

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तीन तरह से विस्थापितों को मुआवजा देने की तैयारी 

जमीन अधिग्रहण को लेकर बड़कागांव में हमेशा विवाद रहा है. मुख्य कारण मुआवजा की राशि को लेकर रही है. इसे लेकर अदानी ने तीन तरह से विस्थापित लोगों को मुआवजा देने की तैयारी की है. जिसका घर लिया जाएगा, अगर वह एक से पांच डिसमिल के बीच का है, तो पांच डिसमिल का लाभ दिया जाएगा और जिनकी जमीन छह से 10 डिसमिल के बीच की है, उन्हें 10 डिसमिल जमीन का मुआवजा दिया जाएगा. जो व्यक्ति घर के बदले पैसे लेना चाहेगा, उसे 10 लाख रुपए और एक लाख रुपए ट्रांसपोर्टेशन के लिए दिया जाएगा. वहीं जो व्यक्ति अदानी की ओर से बनाये गये कॉलोनी में रहेगा, उसे निर्मित घर और एक लाख रुपए शिफ्टिंग के लिए दिया जाएगा. वैसे लोग जिनका घर गया है और वह कॉलोनी में रहना नहीं चाहते हैं, तो उन्हें जमीन के साथ सात लाख रुपए और एक लाख रुपए शिफ्टिंग के दिए जाएंगे. अदानी एक एकड़ जमीन के एवज में 24 लाख रुपए मुआवजा राशि देगी. अदानी के पदाधिकारी ने कहा कि 2013 के जो नियम हैं, उसका पालन कराया जाएगा. जो कॉलोनी बनाई जाएगी, वह सभी सुविधाओं से लैस रहेगी.

पहले दो साल रोड, फिर रेलवे ट्रैक से होगी ट्रासंपोर्टिंग 

प्रारंभिक दो साल तक रोड से कोयला ट्रांसपोर्टेशन कराया जाएगा. इसके बाद रेलवे मंत्रालय ने व्यवस्था की है कि जितनी भी कोल माइंस है, वहां रेलवे की सुविधा पहुंचाई जाएगी. ऐसे में आने वाले दिनों में रेलवे ट्रैक के जरिए कोयला का ट्रांसपोर्टेशन किया जाएगा.

ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी : अफरोज

अदानी के झारखंड चीफ ऑफ कलस्टर अफरोज ने बताया गोंदलपुरा खनन परियोजना के तहत अदानी फाउंडेशन बड़कागांव प्रखंड के विभिन्न गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहा है. सीएसआर के तहत दर्जनों स्वास्थ्य शिविर, 60 टीबी रोगियों को गोद लेना, निःशुल्क पौष्टिक भोजन उपलब्ध करना, हरली हाई स्कूल में छात्रों को विज्ञान विषय पढ़ाने के लिए दो शिक्षकों की नियुक्ति, निःशुल्क मॉनसून किट का वितरण समेत अन्य सुविधाएं दी जा रही है. मॉनसून के दौरान बड़कागांव के ग्रामीणों के बीच 50-50 किलोग्राम डीएपी खाद, 50-50 किलोग्राम यूरिया और दस-दस किलोग्राम धान के बीज दिए गए. अदानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड के चीफ ऑफ कलस्टर अफरोज ने यह भी बताया कि ग्रामीणों के लिए जनकल्याण के कार्य किए जा रहे हैं. ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के भी प्रयास किये जा रहे हैं. किसान छात्र और युवाओं के लिए अलग-अलग प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं, ताकि वे भविष्य के लिए खुद को तैयार कर पाएं. इसे भी पढ़ें : BREAKING:">https://lagatar.in/breaking-personnel-reached-ed-office-with-letter-from-cm-secretariat/">BREAKING:

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