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अडानी समूह को हिंडनबर्ग रिसर्च मामले में सेबी की क्लीन चिट, गौतम अडानी ने शेयरधारकों को पत्र लिखा

गौतम अडानी ने अपने पत्र के अंत में कवि सोहन लाल द्विवेदी की कविता की पंक्तियां लिखी.  उन्होंने समूह की वापसी की तुलना उस नाव से की जो किनारे तक पहुंचने के लिए लहरों का सामना करती है.  उन्होंने लिखा,  लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.
 

Mumbai  :  अडानी समूह को लेकर एक बड़ी खबर आयी है, समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने बुधवार को शेयरधारकों को एक पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने बाजार नियामक सेबी द्वारा उन्हें हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट मामले में क्लीन चिट मिलने का हवाला दिया है. गौतम अडानी ने इसे सत्य की जीत करार दिया है.

 

 

श्री अडानी ने शेयरधारकों को बताया कि सेबी ने हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट के आरोपों खारिज कर दिये हैं.   गौतम अडानी ने संकट के दौरान निवेशकों, ऋणदाताओं और साझेदारों की चिंता का जिक्र करते हुए राष्ट्र निर्माण मंम दोगुना जोर देने की बात कही.  

 

गौतम अडानी ने कहा कि  हिंडनबर्ग रिसर्च का हमला सिर्फ अडानी समूह पर नहीं था, वरन यह वैश्विक स्तर पर पहुंचने के सपने देखने वाले हर भारतीय उद्यमों के साहस को सीधी चुनौती थी.

 

अहम बात यह है कि हिंडनबर्ग रिसर्च की एक रिपोर्ट  जनवरी 2023 में आयी थी. उसमें अडानी समूह पर कई गंभीर आरोप लगाये गये थे.  आरोपों के कारण समूह को 150 अरब डॉलर से भी ज्यादे का नुकसान झेलना पड़ा था.

 

 पिछले सप्ताह बाजार नियामक सेबी ने हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों को खारिज कर दिया और  गौतम अडानी और उनकी अगुवाई वाले समूह को क्लीन चिट दे दी थी.  सेबी के अनुसार उसे हिंडनबर्ग के आरोपों में अडानी समूह के खिलाफ गड़बड़ी करने का कोई साक्ष्य नहीं मिला.  

 


सेबी ने दो अलग-अलग आदेश जारी कर कहा कि विस्तृत जांच के बाद इनसाइडर ट्रेडिंग, बाजार में गड़बड़ी और सार्वजनिक शेयरधारिता मानदंडों के उल्लंघन के आरोप निराधार हैं, सेबी ने जनवरी, 2023 की हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सामने आने के बाद  महीनों तक जांच की. अब 2025 में सेबी ने अडानी समूह को पाक साफ करार दिया है. एक बात और कि हिंडनबर्ग कंपनी अब बंद हो गयी है.   

 


गौतम अडानी ने अपने पत्र के अंत में कवि सोहन लाल द्विवेदी की कविता की पंक्तियां लिखी.  उन्होंने समूह की वापसी की तुलना उस नाव से की जो किनारे तक पहुंचने के लिए लहरों का सामना करती है.  उन्होंने लिखा,  लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती. 

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